तेहरान: ईरान से एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी खबर सामने आई है, जिसने वहां के सामाजिक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। दशकों के लंबे इंतजार और कड़े संघर्ष के बाद, ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर महिलाओं को मोटरसाइकिल चलाने की कानूनी अनुमति दे दी है। अब तक वहां महिलाओं के लिए दोपहिया वाहन चलाना एक सामाजिक और कानूनी अपराध माना जाता था, लेकिन नए कानून के तहत अब महिलाएं भी सड़कों पर बाइक और स्कूटर दौड़ाती नजर आएंगी। इसे ईरान में महिला अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
दशकों पुराने कानून का अंत: क्यों था प्रतिबंध? ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही महिलाओं के सार्वजनिक आचरण को लेकर कई कड़े नियम लागू थे। हालांकि ईरान के संविधान में स्पष्ट रूप से महिलाओं के मोटरसाइकिल चलाने पर कोई लिखित पाबंदी नहीं थी, लेकिन ‘सार्वजनिक शालीनता’ और धार्मिक व्याख्याओं के आधार पर पुलिस उन्हें लाइसेंस जारी नहीं करती थी।
- लाइसेंस की बाधा: अब तक ईरान का ट्रैफिक विभाग केवल पुरुषों को ही मोटरसाइकिल लाइसेंस जारी करता था।
- बदलता परिवेश: पिछले कुछ वर्षों में ईरान में महिलाओं द्वारा बाइक चलाने की मांग ने जोर पकड़ा था, जिसमें कई महिला प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तारी का भी सामना करना पड़ा था।
नया कानून और उसकी शर्तें ईरानी न्यायपालिका और आंतरिक मंत्रालय द्वारा अनुमोदित नए अध्यादेश के अनुसार, महिलाओं को बाइक चलाने की आजादी कुछ शर्तों के साथ दी गई है:
- विशेष प्रशिक्षण और लाइसेंस: महिलाओं को अब पुरुषों की तरह ही ड्राइविंग स्कूलों में प्रशिक्षण लेना होगा और एक निर्धारित परीक्षा पास करने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा।
- ड्रेस कोड का पालन: वाहन चलाते समय भी महिलाओं को ईरान के अनिवार्य हिजाब और शालीन पहनावे के नियमों का पालन करना होगा।
- सुरक्षा मानक: हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए सरकार विशेष जागरूकता अभियान भी चलाएगी।
सामाजिक प्रतिक्रिया: खुशी और विरोध का मिला-जुला स्वर इस फैसले के बाद ईरान की सड़कों और सोशल मीडिया पर उत्साह का माहौल है:
- युवा वर्ग में खुशी: तेहरान की सड़कों पर कई युवतियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘सपनों की उड़ान’ बताया है। उनका मानना है कि इससे न केवल परिवहन आसान होगा, बल्कि वे अधिक आत्मनिर्भर महसूस करेंगी।
- रूढ़िवादी खेमे की चिंता: हालांकि, समाज का एक वर्ग अभी भी इस फैसले को परंपराओं के खिलाफ मान रहा है। कुछ धार्मिक नेताओं ने चिंता जताई है कि इससे सामाजिक मूल्यों में गिरावट आ सकती है।
आर्थिक और वैश्विक प्रभाव विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ईरान के ऑटोमोबाइल बाजार को भी मजबूती मिलेगी:
- दोपहिया बाजार में उछाल: महिलाओं के लिए बाइक चलाने की अनुमति मिलने से स्कूटर और हल्की मोटरसाइकिलों की मांग में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- अंतरराष्ट्रीय छवि: मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि यह बदलाव ईरान की वैश्विक छवि को सुधारने में मदद कर सकता है।
“यह केवल एक वाहन चलाने की आजादी नहीं है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व और अधिकारों की पहचान है। हमने साबित कर दिया है कि समय के साथ कानूनों को बदलना ही प्रगति है।” — एक ईरानी महिला एक्टिविस्ट





