तेहरान/जिनेवा: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब एक भयावह रूप अख्तियार कर लिया है। एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एजेंसी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरान में पिछले कई महीनों से जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की कुल संख्या 7000 के पार पहुँच गई है। यह आंकड़ा अब तक के सबसे रक्तपातपूर्ण संघर्ष की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं और नाबालिग शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए घातक हथियारों और सीधे गोलियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे यह मानवीय संकट और गहरा गया है।
एजेंसी का दावा: दमनकारी नीति ने बढ़ाई मौतों की संख्या
मानवाधिकार एजेंसी द्वारा जारी डेटा के अनुसार, स्थिति सामान्य से कहीं अधिक गंभीर है:
- हिंसक कार्रवाई: सुरक्षा बलों पर आरोप है कि वे भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के बजाय सीधे लाइव एम्युनिशन (असली गोलियों) का उपयोग कर रहे हैं।
- बच्चों और महिलाओं की मौत: रिपोर्ट में बताया गया है कि 7000 से अधिक मृतकों में लगभग 15% बच्चे और किशोर शामिल हैं, जो प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई की चपेट में आए।
- अस्पतालों की घेराबंदी: दावा किया गया है कि कई घायल प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी के डर से अस्पतालों में इलाज कराने के बजाय घरों में ही दम तोड़ रहे हैं।
प्रदर्शनों की मुख्य वजह और वर्तमान स्थिति
ईरान में शुरू हुए ये प्रदर्शन अब केवल हिजाब या व्यक्तिगत स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि पूरी व्यवस्था के खिलाफ एक जनांदोलन बन चुके हैं:
- व्यवस्था परिवर्तन की मांग: प्रदर्शनकारी अब ईरान के कट्टरपंथी शासन और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ सड़कों पर हैं।
- आर्थिक बदहाली: महंगाई, बेरोजगारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
- सामूहिक गिरफ्तारियां: एजेंसी का कहना है कि मौतों के अलावा करीब 25,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कई को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और चिंता
ईरान में बढ़ते मौतों के आंकड़ों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है:
- संयुक्त राष्ट्र की अपील: यूएन (UN) ने ईरान सरकार से बल प्रयोग तुरंत बंद करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- प्रतिबंधों का दौर: अमेरिका और यूरोपीय देशों ने प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार करने वाले ईरानी अधिकारियों और सैन्य इकाइयों पर नए कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं।
- ईरान सरकार का पक्ष: हालांकि, ईरानी प्रशासन इन आंकड़ों को ‘झूठा और मनगढ़ंत’ बता रहा है। सरकार का दावा है कि ये प्रदर्शन विदेशी शक्तियों द्वारा प्रायोजित ‘दंगे’ हैं और मारे गए लोगों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।




