तेल अवीव/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल ने ईरान के प्रति अपने इरादे और अधिक आक्रामक कर दिए हैं। इजरायली कैबिनेट के प्रभावशाली मंत्री और पूर्व न्याय मंत्री गिदोन सार (Gideon Sa’ar) ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई अब केवल सैन्य जीत तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल का अंतिम लक्ष्य तेहरान में वर्तमान शासन का अंत और ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) करना है, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।
सैन्य कार्रवाई से आगे की सोच: ‘अंतिम प्रहार’ की तैयारी
इजरायली नेतृत्व के इस बयान ने युद्ध के उद्देश्यों को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है:
- रणनीतिक बदलाव: गिदोन सार ने तर्क दिया कि जब तक ईरान में वर्तमान नेतृत्व सत्ता में है, तब तक हमास, हिजबुल्लाह और हूतियों जैसे ‘प्रॉक्सि’ समूहों को ऑक्सीजन मिलती रहेगी।
- सीधा संदेश: उन्होंने कहा कि इजरायल अब ‘टुकड़ों में युद्ध’ (War of Attrition) खेलने के बजाय ईरान की जड़ पर प्रहार करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
- अंतिम प्रहार: इजरायली सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘अंतिम प्रहार’ का अर्थ ईरान के परमाणु केंद्रों, ऊर्जा संयंत्रों और नेतृत्व के ठिकानों पर ऐसे हमले करना है जिससे वहां की व्यवस्था चरमरा जाए।
गिदोन सार के बयान के मुख्य बिंदु
एक प्रमुख ब्रीफिंग के दौरान सार ने इजरायल के भावी विजन को रेखांकित किया:
- सुरक्षा की गारंटी: उन्होंने कहा कि इजरायल की सुरक्षा तब तक सुनिश्चित नहीं हो सकती जब तक ईरान एक ‘परमाणु दहलीज’ वाला देश बना हुआ है।
- ईरानी जनता का आह्वान: इजरायल ने परोक्ष रूप से ईरान की जनता से भी अपील की है कि वे शासन के विरुद्ध खड़े हों, और संकेत दिया कि इजरायल ऐसे किसी भी आंतरिक विद्रोह का समर्थन कर सकता है।
- गठबंधन की भूमिका: इजरायल चाहता है कि अमेरिका और पश्चिमी देश भी इस ‘सत्ता परिवर्तन’ के लक्ष्य में सक्रिय भूमिका निभाएं।
ईरान की जवाबी चेतावनी और वैश्विक चिंता
इजरायल के इस बयान के बाद तेहरान में हड़कंप मच गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव चरम पर है:
- ईरान का पलटवार: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने सत्ता परिवर्तन की कोशिश की, तो वे इजरायल के अस्तित्व को ही मिटा देंगे।
- मिसाइलें तैनात: रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपनी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को ‘लॉन्च मोड’ पर डाल दिया है।
- अमेरिका का रुख: जो बाइडेन प्रशासन ने इजरायल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन ‘सत्ता परिवर्तन’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर फिलहाल सावधानी बरत रहा है।





