वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के वर्तमान शासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने अमेरिका या उसके सहयोगियों के खिलाफ कोई भी दुस्साहस किया, तो उसे ‘ऐसा करारा जवाब’ दिया जाएगा जो उसने पहले कभी नहीं देखा होगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के भीतर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जनता सड़कों पर है और देश में सत्ता परिवर्तन की मांग उठ रही है। व्हाइट हाउस से जारी संदेश में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
ट्रंप की चेतावनी के प्रमुख बिंदु
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान को आगाह करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
- दुस्साहस का अंजाम: ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से की गई किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब अत्यंत विनाशकारी और निर्णायक होगा।
- अल्पसंख्यकों और प्रदर्शनकारियों का समर्थन: ट्रंप ने ईरानी जनता के साहस की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया देख रही है कि कैसे लोग तानाशाही के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। उन्होंने ईरानी शासन को चेतावनी दी कि वे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग न करें।
- परमाणु कार्यक्रम पर रोक: उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ईरान में खामेनेई विरोधी माहौल
ईरान के कई बड़े शहरों में लोग आर्थिक बदहाली और सख्त पाबंदियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
- सीधे निशाने पर सर्वोच्च नेता: प्रदर्शनों के दौरान ‘खामेनेई को हटाओ’ और ‘तानाशाह की मौत’ जैसे नारे लगाए जा रहे हैं, जो ईरान में एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है।
- इंटरनेट पर पाबंदी: ईरानी शासन ने प्रदर्शनों को कुचलने के लिए कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को बाधित कर दिया है, जिसकी ट्रंप प्रशासन ने कड़ी निंदा की है।
- सुरक्षा बलों के साथ झड़प: कई प्रांतों से सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों की खबरें आ रही हैं।
भू-राजनीतिक निहितार्थ
ट्रंप की इस चेतावनी को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ एक बड़े कूटनीतिक दबाव के रूप में देख रहे हैं:
- सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा: विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का बयान ईरान के भीतर विद्रोह कर रहे लोगों का मनोबल बढ़ाने और ईरानी सेना को पीछे हटने पर मजबूर करने की रणनीति का हिस्सा है।
- क्षेत्रीय सुरक्षा: इस चेतावनी के बाद खाड़ी देशों (Gulf Countries) में सतर्कता बढ़ा दी गई है, क्योंकि ईरान दबाव में आकर क्षेत्र में किसी बड़ी सैन्य गतिविधि को अंजाम दे सकता है।
निष्कर्ष: तनाव के चरम पर संबंध
डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच बढ़ते इस वाकयुद्ध ने पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंकाओं को फिर से जीवित कर दिया है। जहाँ एक ओर ईरान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है, वहीं ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि उनके शासनकाल में ईरान के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।





