तेहरान/यरूशलम (26 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के 27वें दिन, इजरायली वायुसेना ने ईरान के मध्य में स्थित रणनीतिक शहर इस्फहान (Isfahan) पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। गुरुवार (26 मार्च, 2026) की तड़के सुबह इस्फहान और उसके आसपास के इलाकों में एक के बाद एक कई शक्तिशाली धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरा क्षेत्र दहल गया। इजरायल रक्षा बल (IDF) ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे, हथियार उत्पादन केंद्रों और रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाते हुए हमलों की एक “व्यापक लहर” पूरी की है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करने के लिए एक संयुक्त अभियान चला रही हैं।
इस्फहान बना निशाना: एयर बेस और हथियार कारखानों पर बमबारी
इस्फहान प्रांत ईरान की सैन्य शक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां इजरायल ने सटीक हमले किए हैं:
- सैन्य अड्डों पर प्रहार: स्थानीय मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके इस्फहान के मुख्य एयर बेस और उन औद्योगिक क्षेत्रों के पास हुए जहां हथियारों का निर्माण किया जाता है। आईडीएफ ने बताया कि हमले का उद्देश्य ईरान की जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता को पंगु बनाना था।
- आवासीय इलाकों पर असर: ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने दावा किया है कि हमलों की चपेट में दो आवासीय इलाके भी आए हैं, हालांकि ईरान ने अभी तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।
- रणनीतिक महत्व: इस्फहान में ईरान के प्रमुख परमाणु स्थल (जैसे नटान्ज) और लंबी दूरी की मिसाइलें बनाने वाली इकाइयां स्थित हैं, जो लंबे समय से इजरायल के निशाने पर रही हैं।
युद्ध का व्यापक विस्तार: खाड़ी देशों तक पहुंची आंच
यह युद्ध अब केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रहा है:
- कुवैत एयरपोर्ट पर हमला: पिछले 24 घंटों में ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों पर दो ड्रोन गिरे, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
- सऊदी और यूएई में अलर्ट: सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत में तेल सुविधाओं को निशाना बनाने आए एक दर्जन से अधिक ड्रोनों को मार गिराया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन में भी लगातार सायरन बज रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
- मानवीय क्षति: युद्ध के 27 दिनों में अब तक हजारों लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 1,500 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि बुनियादी ढांचे को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है।





