यरुशलम। इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनाव से अरब राजनीतिक दल बलाद के प्रमुख सामी अबू शेहादेह ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान बहुमत के न्यायाधीशों की ओर से उनकी उम्मीदवारी अयोग्य घोषित किए जाने के संकेत मिलने के बाद आया। यह मामला 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले पर लिखे उनके एक लेख को लेकर विवाद से जुड़ा है।
अबू शेहादेह के लेख में हमास के हमले को ‘महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना’ बताया गया था। इस टिप्पणी के बाद उन पर हमले का समर्थन करने के आरोप लगे। हालांकि, अबू शेहादेह ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य हमले का समर्थन करना नहीं था। उन्होंने अदालत में कहा कि वह हिंसक कार्रवाई के विरोधी हैं और उनका उद्देश्य संघर्ष को राजनीतिक प्रक्रिया की ओर ले जाने की बात करना था।
चुनाव आयोग के फैसले को दी गई थी चुनौती
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग ने अबू शेहादेह के अलावा दो अरब राजनीतिक सूचियों और यहूदी सांसद ओफेर कैसिफ को भी चुनाव लड़ने से रोकने का फैसला किया था। इन फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने संकेत दिया कि अधिकांश न्यायाधीश अबू शेहादेह की उम्मीदवारी के खिलाफ हैं। इसके बाद उन्होंने चुनाव से हटने का निर्णय लिया।
अबू शेहादेह ने इस घटनाक्रम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे इजरायल के अरब-फलस्तीनी अल्पसंख्यक समुदाय की राजनीतिक भागीदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठते हैं।
इस बीच, मानवाधिकार संगठन अदाला ने भी उनकी उम्मीदवारी से जुड़े मामले पर चिंता जताई। संगठन के अनुसार, इस फैसले का असर फलस्तीनी मूल के इजरायली नागरिकों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अधिकार पर पड़ सकता है।
इजरायल में संसदीय चुनाव 27 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं। अबू शेहादेह के चुनाव से हटने के बाद अरब राजनीतिक दलों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को लेकर बहस तेज हो गई है।





