नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) ने अपने सर्वर और तकनीकी सिस्टम में आई खराबी के कारण यात्रियों को हुई असुविधा पर आधिकारिक बयान जारी किया है। एयरलाइन ने दावा किया है कि इस संकट के दौरान जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुईं या जिन्हें वैकल्पिक यात्रा नहीं मिल सकी, उनके टिकट का पूरा पैसा (Full Refund) वापस कर दिया गया है। कंपनी के अनुसार, तकनीकी गड़बड़ी के कारण बुकिंग और चेक-इन सेवाओं के ठप होने से जो अराजकता पैदा हुई थी, उसे अब पूरी तरह से दुरुस्त कर लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में इंडिगो की इस समस्या की वजह से देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी और सोशल मीडिया पर लोगों ने एयरलाइन के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया था।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई परेशानी?
इंडिगो के सिस्टम में आई इस तकनीकी खराबी ने एयरलाइन के पूरे नेटवर्क को प्रभावित किया था:
- सिस्टम क्रैश: कंपनी का मुख्य सर्वर ठप होने के कारण ऑनलाइन चेक-इन, बोर्डिंग पास जारी करना और नई बुकिंग करना असंभव हो गया था।
- मैन्युअल चेक-इन: हवाई अड्डों पर लंबी कतारें लग गईं क्योंकि कर्मचारियों को हाथ से लिखकर (Manual) बोर्डिंग पास देने पड़े, जिससे हर प्रक्रिया में घंटों की देरी हुई।
- उड़ानों का निरस्तीकरण: कई महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानों को अचानक रद्द करना पड़ा, जिससे हजारों यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए।
इंडिगो के आधिकारिक बयान की मुख्य बातें
एयरलाइन ने यात्रियों के गुस्से को शांत करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- रिफंड और री-बुकिंग: इंडिगो ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को या तो बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अगली उपलब्ध उड़ान में जगह दी गई है या उनके बैंक खातों में पैसे वापस भेज दिए गए हैं।
- सुधार का दावा: कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने सॉफ्टवेयर में आई खराबी को पहचान कर उसे ठीक कर लिया है। अब सभी डिजिटल सेवाएं और मोबाइल ऐप सुचारू रूप से काम कर रहे हैं।
- सार्वजनिक माफी: एयरलाइन ने अपने बयान में कहा, “हमें अपने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए गहरा खेद है। हमारी टीम ने स्थिति को संभालने के लिए पूरी रात काम किया और अब परिचालन सामान्य है।”
यात्रियों का आरोप और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नजर
इंडिगो के दावों के बावजूद, कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि उन्हें रिफंड मिलने में अभी भी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, इस पूरे मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने भी संज्ञान लिया है:
- मंत्रालय की रिपोर्ट: मंत्रालय ने इंडिगो से इस तकनीकी विफलता के कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
- फीडबैक: हवाई अड्डों पर तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी यात्री बिना सहायता के न छूटे।
इंडिगो के लिए यह संकट न केवल तकनीकी था, बल्कि उसकी साख पर भी एक बड़ा सवालिया निशान था। कंपनी का कहना है कि अब ‘ऑपरेशनल स्टेबिलिटी’ वापस आ गई है, लेकिन यात्रियों का भरोसा फिर से जीतने के लिए एयरलाइन को अपनी सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता और मजबूती लानी होगी।





