नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की आईआरसीटीसी ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 9 करोड़ उपयोगकर्ता अकाउंट फ्रीज करने का बड़ा कदम उठाया है। इसके साथ ही रेलवे किचनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आईआरसीटीसी ने बताया कि अकाउंट फ्रीज करने का निर्णय संदिग्ध गतिविधियों और अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे प्लेटफ़ॉर्म पर वित्तीय और डेटा सुरक्षा मजबूत होगी। उपयोगकर्ताओं को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी जानकारी अपडेट करें और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि अकाउंट को फिर से सक्रिय किया जा सके।
रेलवे किचनों में एआई निगरानी बढ़ाने का उद्देश्य सफाई, खाना पकाने की गुणवत्ता और वितरण प्रक्रिया पर नजर रखना है। इसके तहत रीयल-टाइम कैमरा सिस्टम और स्मार्ट सेंसर लगाए गए हैं जो स्वचालित रूप से किसी भी गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन का संकेत देते हैं। अधिकारी बताते हैं कि इससे यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी निगरानी और डिजिटल सुरक्षा उपाय बढ़ाकर प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में और भी स्मार्ट तकनीकें लागू की जाएंगी ताकि रेलवे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स में बढ़ती धोखाधड़ी और साइबर खतरों को रोकने में मदद करेगा। साथ ही, रेलवे किचनों में AI निगरानी से खाने की गुणवत्ता पर भरोसा बढ़ेगा और यात्रियों को संतोषजनक सेवा मिलेगी।
आईआरसीटीसी ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अपने अकाउंट की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करें और प्लेटफ़ॉर्म के सुरक्षा नियमों का पालन करें। इस कदम को रेलवे की सुरक्षा और सेवा सुधार पहल का हिस्सा माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, आईआरसीटीसी की यह पहल न केवल डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि रेलवे किचनों में सफाई और भोजन की गुणवत्ता को भी नए स्तर पर ले जाएगी।





