गुवाहाटी।
असम में आगामी दिनों में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के शीर्ष नेताओं के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। राज्य सरकार ने पुलिस को पहले ही हाई अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ कहा है कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दौरे के दौरान स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाए और अगर कोई उकसाने वाली गतिविधि होती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
जानकारी के अनुसार, जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के नेता राज्य में अपने समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे और विभिन्न मुद्दों पर बैठकें करेंगे। इन बैठकों के मद्देनजर पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क किया गया है ताकि किसी भी अफवाह या भड़काऊ बयान से स्थिति न बिगड़े।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने खुद हालात पर नजर रखी हुई है और स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी संगठन को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि असम में बीते समय में संवेदनशील मुद्दों को लेकर तनाव की स्थिति बन चुकी है। ऐसे में प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि जमीयत नेताओं के इस दौरे के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखा जाए।





