गुवाहाटी/दिसपुर: असम के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रह्मपुत्र नदी पर बने भव्य ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ का उद्घाटन करेंगे। यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि ब्रह्मपुत्र के उत्तरी और दक्षिणी तटों के बीच की दूरी को ऐतिहासिक रूप से कम करने वाला है। इस पुल के चालू होने से जिस दूरी को तय करने में स्थानीय लोगों को एक घंटा या उससे अधिक का समय लगता था, वह अब घटकर महज 7 मिनट रह जाएगी।
कनेक्टिविटी में क्रांति: समय और ईंधन की भारी बचत
इस पुल का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को मिलेगा:
- दूरी में भारी कमी: ब्रह्मपुत्र नदी पर बना यह सेतु दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है, जिससे सफर बेहद सुगम हो गया है।
- 7 मिनट का सफर: वर्तमान में लोगों को नाव या लंबे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब यह सफर मिनटों में पूरा होगा।
- आर्थिक लाभ: समय की बचत के साथ-साथ वाहनों के ईंधन खर्च में भी बड़ी कमी आएगी, जिससे स्थानीय व्यापार और रसद (Logistics) को मजबूती मिलेगी।
सेतु की विशेषताएं: आधुनिक तकनीक और भव्यता
‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ को अत्याधुनिक मानकों पर तैयार किया गया है:
- नामकरण का महत्व: इस पुल का नाम कामरूप के महान राजा ‘कुमार भास्कर वर्मा’ के नाम पर रखा गया है, जो असम की समृद्ध विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है।
- मजबूत संरचना: ब्रह्मपुत्र की तेज लहरों और भूकंप की संभावनाओं को देखते हुए इस पुल को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, ताकि यह दशकों तक सुरक्षित रहे।
- लाइटिंग और सुरक्षा: पुल पर सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे रात के समय भी यातायात सुरक्षित और सुचारू रहेगा।
विकास की नई लहर: पर्यटन और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी के इस उद्घाटन कार्यक्रम से पूरे पूर्वोत्तर में उत्साह का माहौल है:
- शिक्षा और स्वास्थ्य: पुल बनने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र और मरीज अब कम समय में बड़े शहरों के स्कूलों और अस्पतालों तक पहुँच सकेंगे।
- पर्यटन को गति: ब्रह्मपुत्र तट के आसपास पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यह सेतु पर्यटकों की आवाजाही को आसान बनाएगा।
- स्थानीय रोजगार: बेहतर कनेक्टिविटी से नए उद्योगों के रास्ते खुलेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।





