नई दिल्ली (25 मार्च, 2026): भारतीय अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ माने जाने वाले असंगठित (गैर-पंजीकृत) क्षेत्र से रोजगार और विकास के बेहद सकारात्मक आंकड़े सामने आए हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा मंगलवार को जारी ‘गैर-पंजीकृत क्षेत्र उद्यम वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE), 2025’ के अनुसार, वर्ष 2025 में इस क्षेत्र में नौकरियों की संख्या में 6.18 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस एक वर्ष की अवधि के दौरान देश में 74.52 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है, जो श्रम बाजार में आए मजबूत विस्तार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का स्पष्ट संकेत है।
श्रमिकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: 12.80 करोड़ पहुंचा आंकड़ा
सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि असंगठित क्षेत्र अब करोड़ों भारतीयों की आजीविका का मुख्य केंद्र बना हुआ है:
- कामगारों का विस्तार: अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच इस क्षेत्र में श्रमिकों की संख्या 12.05 करोड़ (12,05,99,800) थी, जो जनवरी-दिसंबर 2025 की अवधि में बढ़कर 12.80 करोड़ (12,80,51,800) हो गई है।
- नए प्रतिष्ठानों का उदय: इस दौरान गैर-पंजीकृत उद्यमों या प्रतिष्ठानों की कुल संख्या में भी 7.97 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वर्ष 2023-24 में जहां इन उद्यमों की संख्या 7.34 करोड़ थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 7.92 करोड़ तक पहुंच गई है।
क्षेत्रवार प्रदर्शन: ‘सेवा’ और ‘व्यापार’ में दिखा सबसे ज्यादा दम
रिपोर्ट में विभिन्न क्षेत्रों (Sectors) में हुई प्रगति का विस्तृत विवरण दिया गया है:
- प्रतिष्ठानों की वृद्धि: ‘अन्य सेवाएं’ क्षेत्र ने 10.29 प्रतिशत की सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की। इसके बाद विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में 6.48 प्रतिशत और व्यापार (ट्रेड) क्षेत्र में 6.18 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
सकल मूल्य वर्धन (GVA): आर्थिक प्रदर्शन के प्रमुख पैमाने GVA में कुल 10.87 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका ‘व्यापार क्षेत्र’ की रही, जिसमें 16.77 प्रतिशत का उछाल आया। वहीं विनिर्माण में 8.52 प्रतिशत और अन्य सेवाओं में 7.36 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।





