हरिद्वार (13 मार्च, 2026): उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इकबालपुर चौकी के प्रभारी समेत पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिसकर्मियों की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने के बाद की गई इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
ऑडियो क्लिप ने खोली पोल, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
अवैध खनन के इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल तब उठे, जब सोशल मीडिया और शासन के पास एक संदिग्ध ऑडियो क्लिप पहुंची:
- भ्रष्टाचार का खुलासा: ऑडियो क्लिप में अवैध खनन के धंधे से जुड़े लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच मिलीभगत के संकेत मिले थे।
- जीरो टॉलरेंस नीति: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में भ्रष्टाचार और अवैध कार्यों के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने हरिद्वार एसएसपी को जांच और कार्रवाई के आदेश दिए।
एक साथ 6 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर पुलिस चौकी में तैनात सभी कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है:
- चौकी प्रभारी निलंबित: इकबालपुर चौकी प्रभारी (सब-इंस्पेक्टर) को मुख्य रूप से लापरवाही और संलिप्तता के आरोप में निलंबित किया गया है।
- पूरा स्टाफ बाहर: चौकी प्रभारी के साथ-साथ वहां तैनात अन्य 5 पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल) को भी तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है।
- लाइन हाजिर और जांच: निलंबित किए गए सभी पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं।
पुलिस महकमे में हड़कंप, एसएसपी की चेतावनी
एसएसपी हरिद्वार ने इस कार्रवाई के जरिए जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को कड़ा संदेश दिया है:
- पारदर्शिता अनिवार्य: एसएसपी ने कहा कि अवैध खनन या किसी भी अवैध गतिविधि में पुलिस की मिलीभगत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- निगरानी तेज: जिले के उन सभी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है जहाँ अवैध खनन की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं।





