ब्यूनस आयर्स: अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई को सत्ता संभालने के कुछ ही समय बाद बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उनकी पार्टी को ब्यूनस आयर्स प्रांत में हुए प्रांतीय चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार को मिलेई की नीतियों और उनकी लोकप्रियता पर शुरुआती चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, ब्यूनस आयर्स प्रांत में विपक्षी गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि राष्ट्रपति की पार्टी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। यह वही प्रांत है जिसे अर्जेंटीना का सबसे बड़ा और राजनीतिक दृष्टि से सबसे प्रभावशाली इलाका माना जाता है। यहां की हार का असर राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक सुधारों और खर्च कटौती की नीतियों के कारण आम जनता के बीच असंतोष बढ़ा है। महंगाई और बेरोजगारी की बढ़ती समस्या ने भी जनता का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई। चुनाव परिणामों से साफ है कि विपक्ष ने इन मुद्दों को भुनाने में सफलता पाई।
हालांकि, राष्ट्रपति मिलेई ने हार को स्वीकारते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी सरकार आर्थिक संकट से बाहर निकलने और जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए अपने वादों पर डटी रहेगी।
गौरतलब है कि जेवियर मिलेई पिछले वर्ष सत्ता में आए थे और उन्होंने पारंपरिक राजनीति से अलग एक कट्टरपंथी सुधारवादी छवि के सहारे जनता का समर्थन हासिल किया था। लेकिन शुरुआती महीनों में ही चुनावी हार ने उनके सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।





