वाशिंगटन। अमेरिका की इमिग्रेशन नीति में बड़ा बदलाव करते हुए यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने ग्रीन कार्ड आवेदन प्रक्रिया को सख्त कर दिया है। नई नीति के अनुसार अब अधिकतर विदेशी नागरिकों को, जो अमेरिका में अस्थायी वीज़ा पर रह रहे हैं, ग्रीन कार्ड के लिए अपने गृह देश लौटकर आवेदन करना होगा।
यह बदलाव दशकों से चली आ रही उस व्यवस्था को समाप्त करता है, जिसके तहत कई लोग अमेरिका के भीतर ही “एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस” प्रक्रिया के जरिए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन कर सकते थे। अब यह सुविधा केवल “असाधारण परिस्थितियों” में ही दी जाएगी।
रिपोर्टों के अनुसार यह नीति छात्रों (F-1), कामकाजी वीज़ा धारकों (H-1B, L-1), पर्यटकों और अन्य अस्थायी वीज़ा धारकों पर व्यापक असर डाल सकती है। अनुमान है कि इससे लाखों लंबित आवेदन प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें कई लोग पहले से अमेरिका में रहकर काम कर रहे हैं या परिवार के साथ रह रहे हैं।
USCIS का कहना है कि यह कदम इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि अस्थायी वीज़ा का उपयोग स्थायी निवास के “सीधे रास्ते” के रूप में न किया जा सके। एजेंसी के अनुसार, केवल उन्हीं मामलों में अमेरिका के भीतर आवेदन की अनुमति होगी जो “राष्ट्रीय हित” या विशेष योग्यता के तहत आते हैं।
हालांकि इस फैसले की आलोचना भी तेज हो गई है। इमिग्रेशन विशेषज्ञों और वकीलों का मानना है कि यह नीति परिवारों के अलग होने, आवेदन प्रक्रिया में देरी और कानूनी जटिलताओं को बढ़ा सकती है। कई विशेषज्ञों ने इसे मौजूदा इमिग्रेशन कानूनों की भावना के विपरीत बताया है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस बदलाव से अमेरिका में उच्च कुशल पेशेवरों, शोधकर्ताओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विदेशी कर्मचारियों पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही, वीज़ा बैकलॉग और दूतावासों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारों का कहना है कि यह नीति आने वाले समय में कानूनी चुनौती का भी सामना कर सकती है, क्योंकि इससे हजारों लोगों की स्थायी निवास की प्रक्रिया प्रभावित होगी।




