देहरादून/हरिद्वार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी हरिद्वार दौरे को लेकर उत्तराखंड शासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर गृह मंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अतिथियों के स्वागत और जनसभा स्थल के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हरिद्वार को धर्मनगरी के साथ-साथ वीवीआईपी मूवमेंट के लिए अभेद्य किले में तब्दील करने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: जीरो टॉलरेंस और चाक-चौबंद सुरक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर निर्देशित किया:
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: सीएम ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिए कि केंद्रीय गृह मंत्री की सुरक्षा के लिए निर्धारित ‘ब्लू बुक’ के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। इसमें रूट डायवर्जन, एंटी-सबोटज चेकिंग और ड्रोन निगरानी शामिल है।
- समयबद्धता: मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम स्थल के निर्माण, पार्किंग व्यवस्था और जन सुविधाओं से जुड़े सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे हो जाने चाहिए।
- अधिकारियों की जवाबदेही: उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही के लिए संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
हरिद्वार में विशेष इंतजाम: ट्रैफिक और जनसभा पर जोर
गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है:
- ट्रैफिक प्लान: हरिद्वार में श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए एक ‘स्मार्ट ट्रैफिक प्लान’ तैयार किया गया है। भारी वाहनों के प्रवेश पर विशेष पाबंदी रहेगी।
- सफाई और सौंदर्यीकरण: मेला क्षेत्र और घाटों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने और शहर को सजाने के निर्देश दिए गए हैं।
- हेलीपैड और रूट: बीएचईएल (BHEL) और अन्य संभावित हेलीपैड स्थलों के साथ-साथ सड़क मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा ऑडिट पूरा कर लिया गया है।
दौरे का राजनीतिक और आध्यात्मिक महत्व
केंद्रीय गृह मंत्री का यह दौरा उत्तराखंड के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- विकास योजनाओं की समीक्षा: अमित शाह हरिद्वार में कुछ महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का जायजा ले सकते हैं।
- धार्मिक कार्यक्रम: उनके द्वारा गंगा आरती में शामिल होने और संतों के साथ संवाद करने की भी संभावना है, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देगा।
रणनीतिक बैठक: दौरे के दौरान गृह मंत्री राज्य की आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी फीडबैक ले सकते हैं।





