Monday, January 12, 2026

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अब सब खत्म हो चुका है’: पाकिस्तान में वायरल क्यों हो रहा है Gen Z छात्र का हटाया गया लेख

पाकिस्तान शायद अपने ही तरीके की Gen Z क्रांति का गवाह बन रहा है—न सड़कों पर प्रदर्शन के ज़रिये, न हिंसा के माध्यम से, बल्कि ऐसे विचारों के ज़रिये जिन्हें दबाया नहीं जा सका। इस बौद्धिक विद्रोह की चिंगारी बना एक लेख, जिसमें एक युवा पाकिस्तानी अकादमिक ने लिखा कि देश की नई पीढ़ी अब पुराने सत्ता केंद्रों के आदेश मानने को तैयार नहीं है।

यह लेख था ‘It Is Over’, जिसे अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पीएचडी छात्र ज़ोरैन निज़ामानी ने लिखा था। यह लेख 1 जनवरी को पाकिस्तान के प्रमुख अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में प्रकाशित हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों बाद इसे वेबसाइट से हटा लिया गया। आरोप है कि यह कदम पाकिस्तानी सेना के दबाव में उठाया गया।

लेख हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिला। कई लोगों ने इसे राज्य द्वारा सेंसरशिप बताया और ज़ोरैन निज़ामानी को ‘राष्ट्रीय नायक’ तक घोषित कर दिया। जल्द ही लेख के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। ज़ोरैन निज़ामानी, प्रसिद्ध पाकिस्तानी कलाकार फ़ज़ीला क़ाज़ी और क़ैसर ख़ान निज़ामानी के पुत्र हैं।

लेख में क्या कहा गया था

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ अर्कांसस (लिटिल रॉक) से क्रिमिनोलॉजी में पीएचडी कर रहे निज़ामानी ने अपने लेख में तर्क दिया कि पाकिस्तान के शासक वर्ग ने देश की युवा पीढ़ी पर अपना प्रभाव खो दिया है। उन्होंने लिखा कि राज्य द्वारा आयोजित भाषण, सेमिनार और देशभक्ति को बढ़ावा देने वाले अभियान अब बेअसर हो चुके हैं।

उन्होंने लिखा:

सत्ता में बैठे बुज़ुर्ग पुरुषों और महिलाओं के लिए अब सब खत्म हो चुका है। युवा पीढ़ी अब आपकी किसी भी बात पर विश्वास नहीं कर रही। आप कितने भी भाषण और सेमिनार कर लें, यह काम नहीं करेगा।”

बिना सेना का नाम लिए, निज़ामानी ने कहा कि देशभक्ति भाषणों और नारों से नहीं बनाई जा सकती, बल्कि यह तब स्वतः जन्म लेती है जब नागरिकों को समान अवसर, मज़बूत ढांचा, काम करने वाली व्यवस्थाएँ और अधिकारों की गारंटी मिले।

उन्होंने लिखा:

जब आप अपने लोगों को बुनियादी सुविधाएँ और अधिकार देते हैं, तो आपको उन्हें देश से प्रेम करना सिखाने की ज़रूरत नहीं पड़ती—वे खुद करेंगे।”

लेख में Gen Z और Gen Alpha पर विशेष ज़ोर दिया गया है। लेखक का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी राजनीतिक सच्चाइयों को भली-भांति समझती है।

इंटरनेट और थोड़ी-सी बची हुई शिक्षा के कारण युवा अब खुद सोच रहे हैं। आप उन्हें क्या सोचना है, यह बताने में नाकाम रहे हैं।”

उन्होंने यह भी लिखा कि डर के कारण युवा खुलकर बोल नहीं पा रहे, लेकिन वे चुपचाप देश छोड़ रहे हैं।

नई पीढ़ी अब थक चुकी है। जो बोलते हैं, उन्हें चुप करा दिया जाता है, इसलिए वे खामोशी से देश छोड़ रहे हैं।”

लेख हटाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया

लेख हटाए जाने के बाद पाकिस्तान की राजनीति और मीडिया जगत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी PTI की कनाडा इकाई ने कहा कि यह कदम साबित करता है कि ज़बरन थोपी गई देशभक्ति अब काम नहीं करती

PTI ने X पर लिखा:

“Gen Z भ्रष्टाचार, असमानता और पाखंड को साफ़ देख रही है। न्याय, रोज़गार और सम्मान के बिना प्रचार विफल है।”

पाकिस्तानी एक्टिविस्ट मेहलका समदानी ने लिखा:

यह वही सेंसरशिप है, जिसके बारे में लेख में चेतावनी दी गई थी।”

वकील अब्दुल मोइज़ जाफ़री ने कहा:

यह लेख हर युवा की भावना है, जो सत्ता में बैठे बुज़ुर्गों से सीधे बात करता है।”

पूर्व मंत्री मूनिस इलाही ने इसे “नीति बनाने वाली पीढ़ी के लिए वास्तविकता का आईना” बताया।

वहीं पाकिस्तान मानवाधिकार परिषद ने लेख हटाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

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