हरिद्वार: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज धर्मनगरी हरिद्वार में एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए अपने चिर-परिचित अंदाज में अपराधियों और माफियाओं को कड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदली हुई कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य से ‘जंगलराज’ का पूरी तरह खात्मा हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो अपराधी पहले सत्ता के संरक्षण में फलते-फूलते थे, आज वे अपनी जान की भीख मांगते फिर रहे हैं। हरिद्वार में संतों और प्रबुद्ध जनों के बीच बोलते हुए सीएम योगी ने विकास और विरासत के संगम को नए भारत की पहचान बताया।
संबोधन की बड़ी बातें: सुरक्षा और सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण के प्रमुख अंश इस प्रकार रहे:
- अपराधियों को अंतिम चेतावनी: मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब बहन-बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों की जगह केवल दो ही हैं—”या तो वे जेल की सलाखों के पीछे हैं, या फिर यमराज के घर नरक की यात्रा पर निकल चुके हैं।”
- दंगा मुक्त प्रदेश: उन्होंने गर्व से कहा कि पिछले कई वर्षों में यूपी में एक भी दंगा नहीं हुआ है। उन्होंने इसका श्रेय अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दिया।
- बुलडोजर का खौफ: सीएम ने कहा कि माफियाओं द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियों पर अब सरकारी बुलडोजर चलता है और उन जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं।
सनातन और राष्ट्रवाद का संगम
हरिद्वार की पवित्र धरती से उन्होंने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को लेकर भी अपनी बात रखी:
- विरासत का सम्मान: योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और काशी-विश्वनाथ धाम का कायाकल्प सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान का प्रमाण है।
- उत्तराखंड से लगाव: उत्तराखंड को अपनी जन्मभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि की आध्यात्मिक ऊर्जा ही उन्हें राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को ‘बड़े और छोटे भाई’ की संज्ञा दी।
- तुष्टिकरण का अंत: उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब देश में ‘तुष्टिकरण’ की राजनीति नहीं बल्कि ‘संतुष्टिकरण’ और विकास की राजनीति चल रही है।
विकास की नई गाथा
मुख्यमंत्री ने यूपी में हो रहे बुनियादी ढांचागत विकास (Infrastructure Development) का भी उल्लेख किया:
- उन्होंने बताया कि कैसे यूपी अब एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट्स का हब बन रहा है, जिससे न केवल पर्यटन बल्कि निवेश के नए रास्ते खुले हैं।
- उन्होंने अपील की कि जिस तरह यूपी ने विकास की राह पकड़ी है, उसी तरह हिमालयी राज्यों को भी अपनी पारिस्थितिकी (Ecology) और अर्थव्यवस्था (Economy) के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
निष्कर्ष: सुशासन की गूंज
योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा। विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम योगी का यह बयान केवल यूपी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश को सुशासन का संदेश देने के लिए था।
“जब नीयत साफ होती है और सरकार का इकबाल बुलंद होता है, तो माफिया खुद-ब-खुद घुटने टेक देते हैं। यूपी में आज जो शांति है, वह हमारे संकल्पों की सिद्धि है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (यूपी)





