देहरादून। उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को अब बार-बार बढ़ते बिलों और बर्बाद होती ऊर्जा की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। राज्य सरकार और विद्युत विभाग ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत बिजली को बैटरियों में स्टोर किया जाएगा। इस कदम से न केवल जनता की जेब सुरक्षित रहेगी बल्कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) को भी लगातार बढ़ रही मुश्किलों से राहत मिलेगी।
बैटरी स्टोरेज से क्या होगा फायदा
• अभी तक अतिरिक्त उत्पादन या कम खपत की स्थिति में बड़ी मात्रा में बिजली व्यर्थ हो जाती थी।
• जब खपत अचानक बढ़ती है तो UPCL को महँगे दामों पर बाहर से बिजली खरीदनी पड़ती थी।
• बैटरी स्टोरेज सिस्टम आने के बाद जरूरत से ज्यादा बनी बिजली को बैटरी में सुरक्षित रखा जाएगा।
• खपत बढ़ने पर यही बिजली उपयोग में लाई जाएगी, जिससे खरीद पर खर्च कम होगा।
जनता को सीधा लाभ
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। फिलहाल अचानक बिजली खरीद की लागत उपभोक्ता बिलों में जुड़ जाती थी, जिससे बिल भारी हो जाते थे। बैटरी स्टोरेज शुरू होने पर यह स्थिति काफी हद तक सुधरेगी। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में, जहाँ बार-बार बिजली बाधित होती है, वहाँ भी यह प्रणाली मददगार साबित होगी।
UPCL की मुश्किलें होंगी आसान
UPCL के सामने लंबे समय से बिजली की उपलब्धता और मांग के बीच तालमेल बैठाने की चुनौती रही है। खासतौर पर गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं की खपत बढ़ने पर कंपनी को महँगी बिजली खरीदनी पड़ती है। अधिकारी मानते हैं कि बैटरी स्टोरेज से इस संकट पर काबू पाया जा सकेगा और कंपनी को आर्थिक राहत मिलेगी।
सरकार की योजना
ऊर्जा विभाग ने चरणबद्ध तरीके से बैटरी स्टोरेज सिस्टम लागू करने की रूपरेखा तैयार की है। शुरुआत में बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में इस तकनीक को अपनाने की योजना है, बाद में इसे ग्रामीण इलाकों तक बढ़ाया जाएगा।





