देहरादून/पौड़ी: उत्तराखंड सरकार ने दिवंगत अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पौड़ी गढ़वाल स्थित ‘राजकीय नर्सिंग कॉलेज, डोभ (श्रीकोट)’ का नाम बदलकर अब “अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज” कर दिया गया है। शासन द्वारा इस संबंध में औपचारिक शासनादेश (Government Order) जारी कर दिया गया है, जिससे अंकिता की स्मृति को राज्य की एक शैक्षणिक संस्था के साथ स्थायी रूप से जोड़ दिया गया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में अंकिता भंडारी के परिजनों और जनता की भावनाओं को देखते हुए यह घोषणा की थी कि क्षेत्र के राजकीय संस्थान का नाम अंकिता के नाम पर रखा जाएगा। इसी वादे को पूरा करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से नाम परिवर्तन का आधिकारिक आदेश निर्गत किया गया है। सरकार का मानना है कि यह कदम अंकिता के प्रति सम्मान प्रकट करने और समाज को एक संदेश देने का प्रयास है।
परिजनों और क्षेत्रवासियों की थी मांग
अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से ही स्थानीय जनता और अंकिता के माता-पिता लगातार मांग कर रहे थे कि उनकी बेटी की याद में किसी बड़े संस्थान या सड़क का नामकरण किया जाए। डोभ श्रीकोट क्षेत्र अंकिता का पैतृक क्षेत्र है, इसलिए वहां स्थित नर्सिंग कॉलेज का चयन इस गौरवपूर्ण कार्य के लिए किया गया। इस निर्णय के बाद क्षेत्र के लोगों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
अंकिता भंडारी प्रकरण और न्याय की उम्मीद
ज्ञात हो कि ऋषिकेश के एक रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सरकार का यह ताजा फैसला अंकिता के परिवार को भावनात्मक संबल देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि परिवार अब भी आरोपियों के लिए कड़ी सजा और ‘वीआईपी’ नाम के खुलासे की मांग पर अडिग है।
शैक्षणिक संस्थान का नया स्वरूप
अब कॉलेज के मुख्य द्वार, आधिकारिक दस्तावेजों और बोर्ड पर अंकिता भंडारी का नाम अंकित किया जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से धरातल पर लागू किया जाए। इस नर्सिंग कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्राओं के लिए अंकिता का नाम अब संघर्ष और न्याय की प्रेरणा के रूप में देखा जाएगा।





