नई दिल्ली। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) ने डाबर इंडिया लिमिटेड को विनिर्माण गुणवत्ता मानकों (CGMP) के उल्लंघन को लेकर चेतावनी पत्र जारी किया है। नियामक ने कंपनी की सिलवासा स्थित दवा निर्माण इकाई में निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर विस्तृत जवाब और सुधारात्मक कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है।
USFDA के अनुसार, जनवरी 2026 में किए गए निरीक्षण में गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, उत्पादन रिकॉर्ड के रखरखाव और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। एजेंसी ने कहा कि कंपनी का गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र उत्पादन और परीक्षण प्रक्रियाओं की प्रभावी निगरानी करने में विफल रहा, जिससे मौजूदा गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (CGMP) नियमों का पालन नहीं हो सका।
चेतावनी पत्र में रिकॉर्ड के रखरखाव, प्रयोगशाला परीक्षणों की विश्वसनीयता, दस्तावेजों की पारदर्शिता तथा उत्पादन संबंधी नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। USFDA ने कहा कि इन कमियों को दूर करने के लिए डाबर को ठोस सुधारात्मक और निवारक कदमों की विस्तृत जानकारी निर्धारित अवधि के भीतर देनी होगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो आगे नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।
डाबर ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि कंपनी नियामक के साथ पूरा सहयोग कर रही है और सभी टिप्पणियों का विस्तृत जवाब समय पर सौंपेगी। कंपनी के अनुसार, संबंधित इकाई का उसके कुल कारोबार में योगदान सीमित है और इस घटनाक्रम का कंपनी के समग्र व्यवसाय या वित्तीय प्रदर्शन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह गुणवत्ता और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम पहले ही शुरू कर दिए गए हैं।





