देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) वित्तीय वर्ष में लाभ की स्थिति में पहुंच गया है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा बिजली खरीद पर ही खर्च हो रहा है। इससे यूपीसीएल की वित्तीय स्थिति पर दीर्घकालिक दबाव बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, राज्य में बिजली वितरण की एकमात्र जिम्मेदार संस्था UPCL को इस बार परिचालन स्तर पर लाभ दिखा है। हालांकि, यह लाभ स्थायी वित्तीय मजबूती में तब्दील नहीं हो पा रहा है, क्योंकि कुल राजस्व का अधिकांश हिस्सा बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने में खर्च हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली की बढ़ती मांग और उत्पादन लागत के बीच संतुलन न बन पाने के कारण यह स्थिति बनी हुई है।
UPCL को राज्य की घरेलू, औद्योगिक और अन्य श्रेणी की बढ़ती बिजली मांग पूरी करने के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा खरीदनी पड़ती है। इस खरीद पर होने वाला खर्च कुल आय का बड़ा भाग खा जाता है, जिससे कंपनी के पास विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए सीमित संसाधन बचते हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कंपनी लगातार ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली को मजबूत करने के प्रयास कर रही है, लेकिन बिजली खरीद पर निर्भरता अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके चलते यूपीसीएल को वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि राज्य में स्थानीय उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जाए और लाइन लॉस को कम किया जाए, तो UPCL की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो सकती है। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने से भी बिजली खरीद पर निर्भरता घटाई जा सकती है।
फिलहाल, लाभ की स्थिति में आने के बावजूद UPCL के सामने सबसे बड़ी चुनौती लागत प्रबंधन और बिजली खरीद पर निर्भरता कम करना ही है।





