संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आपात बैठक में मंगलवार को इस्राइल ने अपने कमजोर हो चुके बंधकों की रिहाई की मांग की, वहीं अधिकतर सदस्य देशों ने गाजा में दो करोड़ फलस्तीनियों को भूखा रखने के लिए इस्राइल को ही जिम्मेदार ठहराया। इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार खुद न्यूयॉर्क पहुंचे और दावा किया कि हमास और इस्लामिक जिहाद ने पिछले 2 महीनों से बंधकों को खाना-पानी से वंचित रखा है। उन्होंने एक बंधक का उदाहरण दिया, जिसे जिंदा कब्र खुदवाने को मजबूर किया गया। लेकिन परिषद के ज्यादातर सदस्य देशों ने उल्टा इस्राइल पर ही गाजा में भुखमरी फैलाने का आरोप लगाया। दो महीने की नाकेबंदी के चलते वहां खाने-पीने की चीजें लगभग बंद हैं। गाजा की स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत भूख से हो चुकी है, जिनमें कई बच्चे शामिल हैं।
इस्राइल का दावा- हमने बहुत मदद भेजी, हमास लूट लेता है
गिदोन सार ने कहा कि इस्राइल ने गाजा में बड़ी मात्रा में राहत सामग्री भेजी है, लेकिन हमास उन्हें जब्त कर के बेचता है और इससे पैसा कमाता है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा है कि ऐसी किसी लूट का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
बंधकों के परिजनों की भावुक अपील
बंधक इव्यातार डेविड के बड़े भाई इताय डेविड ने सुरक्षा परिषद को वीडियो संदेश भेजा। उन्होंने कहा, ‘मेरा भाई एक हड्डियों का ढांचा बन चुका है। कृपया उन्हें और बाकी बंधकों को अंधेरे में मरने मत दीजिए।’
ब्रिटेन और अमेरिका ने जताई चिंता
ब्रिटेन की यूएन प्रतिनिधि बारबरा वुडवर्ड ने कहा कि बंधकों को ‘प्रोपेगंडा के लिए दिखाना बेहद घिनौना है’ और हमास को गाजा के शासन से बाहर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले संघर्षविराम के दौरान हालात बेहतर हुए थे लेकिन अब फिर भुखमरी चरम पर है। वुडवर्ड ने आरोप लगाया कि इस्राइली सेना ने बेबी फॉर्मूला तक ज़ब्त किया है और गाजा के बच्चे इतने कुपोषित हो चुके हैं कि उनके घाव महीनों तक नहीं भर रहे। अमेरिका की कार्यवाहक राजदूत डोरोथी शीया ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप गाजा में ‘वास्तविक भुखमरी’ को मानते हैं और अमेरिका मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ नाम की संस्था ने रविवार को 15 लाख भोजन पैकेट बांटे हैं, लेकिन वहां पहुंचने की कोशिश में सैकड़ों फलस्तीनी मारे भी गए।





