नई दिल्ली
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी। बैठक में मौजूद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने ही पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए आतंकवाद सबसे बड़ा अवरोध है और इस पर सभी देशों को एकजुट होकर सख्त कार्रवाई करनी होगी।
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी के बयान पर सम्मेलन में मौजूद अन्य देशों के नेताओं ने भी सहमति जताई और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन किया। मोदी ने साफ कहा कि “सीमा पार से आतंकवाद और हिंसा को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अब समय आ गया है कि इस खतरे को खत्म करने के लिए हम सामूहिक रूप से ठोस कदम उठाएं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि आतंकवाद न केवल आर्थिक विकास को बाधित करता है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और जनता की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। उनका यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान की ओर इशारा करता दिखा, क्योंकि भारत लगातार इस बात को उठाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह और समर्थन देता है।
बैठक में मोदी के वक्तव्य के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ असहज नजर आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी की इस सख्त टिप्पणी के बाद SCO सदस्य देशों के कई नेताओं ने भारत की बात का समर्थन किया और माना कि आतंकवाद पर नियंत्रण के बिना क्षेत्रीय सहयोग और प्रगति संभव नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह क्षण पाकिस्तान के लिए बेहद शर्मनाक साबित हुआ, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने सीधे तौर पर आतंकवाद के मुद्दे को उठाकर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा कर दिया। साथ ही, अन्य देशों से मिले समर्थन ने भारत की स्थिति को और मजबूत कर दिया।
गौरतलब है कि SCO सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान समेत मध्य एशियाई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। यह मंच सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने के लिए जाना जाता है।
SCO समिट में पाकिस्तान की किरकिरी, मोदी ने शहबाज को सुनाई खरी-खरी, बाकी नेताओं का भी समर्थन





