मीरपुर/नई दिल्ली।
गुलाम जम्मू-कश्मीर (PoK) में जनता का गुस्सा लगातार उबाल पर है। महंगाई, बिजली संकट और पाकिस्तान सरकार की उपेक्षा से नाराज लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन तीसरे दिन भी हिंसक रूप ले चुका है। स्थिति को काबू में करने के लिए पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों ने बर्बरतापूर्वक कार्रवाई की, जिसमें अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं।
जनता बनाम पाकिस्तानी सेना
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोग लंबे समय से महंगाई और बिजली कटौती के खिलाफ विरोध जता रहे थे। लेकिन हाल के दिनों में हालात बिगड़ते चले गए। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी की। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख सेना ने बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं।
तीसरे दिन भी तनाव बरकरार
मीरपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्रदर्शन हो रहे हैं। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। तीसरे दिन भी हालात नहीं सुधरे हैं और जगह-जगह कर्फ्यू जैसे हालात हैं। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
बेरहमी से हुई कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाईं। लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया गया। कई लोगों को गंभीर चोटें आईं और अस्पतालों में इलाज चल रहा है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
नागरिकों का गुस्सा बढ़ा
लोगों का कहना है कि वे वर्षों से पाकिस्तानी सरकार की नीतियों से परेशान हैं। बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और महंगाई ने जीवन मुश्किल बना दिया है। बिजली संकट और खाद्य पदार्थों की किल्लत ने हालात और खराब कर दिए हैं। अब जनता का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है।
पाकिस्तान सरकार पर बढ़ा दबाव
विश्लेषकों का कहना है कि यह आंदोलन पाकिस्तान सरकार और सेना दोनों के लिए बड़ी चुनौती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की छवि खराब हो रही है। मानवाधिकार संगठनों ने इस बर्बर कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्थिति अभी भी गंभीर
गुलाम कश्मीर के कई हिस्सों में तनावपूर्ण शांति है। लोग आशंकित हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो हिंसा और बढ़ सकती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन सेना की तैनाती और बल प्रयोग ने हालात को और ज्यादा भड़का दिया है।





