रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले में दाखिल याचिका में पूरे प्रकरण की जांच राज्य की सीआईडी से हटाकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग की गई है।
याचिका में विशेष रूप से वर्ष 2025 की JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग भी की गई है।
याचिका में OMR शीट, परीक्षा केंद्रों की CCTV फुटेज और सर्वर से संबंधित डाटा को संरक्षित रखने की मांग की गई है, ताकि जांच के दौरान किसी महत्वपूर्ण साक्ष्य के नष्ट होने या उसमें बदलाव की आशंका न रहे।
JPSC परीक्षा को लेकर झारखंड में लंबे समय से अभ्यर्थियों का विरोध जारी रहा है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसी क्रम में JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं को लेकर भी विवाद गहराया है। हाल के दिनों में राज्य में कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हुई है।
इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट में भी JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल की जा चुकी है। उसमें प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, OMR शीट की कस्टडी और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे।
अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट होगा कि मामले की जांच CBI को सौंपी जाती है या राज्य की जांच एजेंसी ही इसकी पड़ताल जारी रखेगी। JPSC अभ्यर्थियों और राज्य के हजारों युवाओं की निगाहें इस मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।





