देहरादून: उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती का मुख्य समारोह 9 नवंबर को देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य सरकार ने कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को एफआरआई पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रजत जयंती समारोह उत्तराखंड की उपलब्धियों, संस्कृति और जनभावनाओं का प्रतीक होगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए राज्यभर में उत्साह का माहौल है। एफआरआई परिसर को पारंपरिक और सांस्कृतिक सजावट से सजाया जा रहा है ताकि राज्य की विविध लोकसंस्कृति और पर्यटन पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात, मंच व्यवस्था, आमंत्रित अतिथियों के स्वागत तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य के गौरवशाली 25 वर्षों की झांकी पेश करेगा और आने वाले दशक के लिए विकास के नए संकल्प तय करेगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और हजारों लोग शामिल होंगे। एफआरआई का ऐतिहासिक परिसर इस दिन पारंपरिक लोकनृत्य, संगीत और उत्तराखंड की लोककलाओं से सजेगा।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, समारोह के दौरान राज्य की 25 वर्षों की यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें विकास परियोजनाओं, सामाजिक पहलों और पर्यावरणीय उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में यातायात और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
रजत जयंती का यह आयोजन न केवल राज्य की उपलब्धियों का उत्सव होगा, बल्कि “श्रेष्ठ उत्तराखंड” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।





