आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की हाल ही में जारी रिपोर्ट में भारत से जुड़े दो बड़े आतंकी हमलों — पुलवामा (2019) और गोरखनाथ मंदिर हमला (2022) — का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में सामने आया है कि आतंकवादी संगठनों ने इन हमलों के लिए ई-कॉमर्स, ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म और वीपीएन जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया।
🔥 पुलवामा हमला: Amazon से खरीदा गया विस्फोटक सामग्री
FATF की रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले, जिसमें 40 भारतीय जवान शहीद हुए थे, के लिए आतंकियों ने Amazon जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से RDX बनाने के लिए आवश्यक ‘एल्युमिनियम पाउडर’ खरीदा था।
रिपोर्ट के अनुसार:
- यह हमले जैश-ए-मोहम्मद की साजिश थी।
- विस्फोटक सामग्री सीमा पार से भारत में लाई गई।
- जांच में 19 आरोपियों की पहचान हुई, जिनमें 7 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
⚠️ गोरखनाथ मंदिर हमला: ISIS से प्रेरित आतंकी को विदेशी फंडिंग
3 अप्रैल 2022 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर पर हुए हमले में ISIS से प्रभावित एक आतंकी ने विदेशी स्रोतों से ऑनलाइन फंडिंग प्राप्त की। रिपोर्ट के अनुसार:
- हमलावर को PayPal के जरिए 7,685 डॉलर (लगभग ₹6.7 लाख) की फंडिंग मिली।
- उसने VPN सेवा के लिए भी विदेशी भुगतान किया था।
- फंडिंग के पीछे 44 अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शंस की पहचान हुई, जिनके जरिए ISIS से जुड़े कई लोगों को पैसा भेजा गया।
🛑 FATF की चेतावनी: ई-कॉमर्स और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम बना नया खतरा
FATF ने इस रिपोर्ट में डिजिटल माध्यमों को लेकर कई गंभीर चेतावनियाँ दी हैं:
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, VPN, पेमेंट गेटवे और गेमिंग ऐप्स का उपयोग आतंकी गोपनीय रूप से फंड ट्रांसफर करने में कर रहे हैं।
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कम कीमत की वस्तुएं बेचकर मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है।
- पेमेंट प्लेटफॉर्म की कमजोर निगरानी के कारण फंड भेजने और पाने वाले की पहचान करना मुश्किल होता जा रहा है।
🌍 राज्य प्रायोजित आतंकवाद का संकेत
FATF रिपोर्ट में यह भी संकेत दिए गए हैं कि कुछ देशों की सरकारें आतंकवादी संगठनों को वित्तीय सहायता, लॉजिस्टिक सपोर्ट और ट्रेनिंग मुहैया करा रही हैं। रिपोर्ट में भले ही पाकिस्तान का नाम सीधे तौर पर न हो, लेकिन जिन घटनाओं का जिक्र है, भारतीय एजेंसियां बार-बार पाकिस्तान पोषित संगठनों की भूमिका को उजागर करती रही हैं।
🇮🇳 भारत फिर FATF में उठाएगा पाकिस्तान का मुद्दा
पुलवामा, गोरखनाथ और हाल ही में पहलगाम हमले (अप्रैल 2025) के बाद भारत ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियों में लिप्त करने को लेकर FATF में फिर से गंभीरता से मामला उठाएगा।
FATF की नकारात्मक रिपोर्ट का किसी देश की अर्थव्यवस्था और निवेश माहौल पर गहरा असर पड़ता है। पाकिस्तान पहले भी FATF की ग्रे लिस्ट में रहा है, जिससे उसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग में बाधा झेलनी पड़ी थी।
FATF की यह रिपोर्ट डिजिटल माध्यमों के ज़रिए आतंक की नई रणनीतियों को उजागर करती है। भारत जैसे देशों के लिए यह चेतावनी है कि ई-कॉमर्स, गेमिंग ऐप्स और पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी और तकनीकी सुरक्षा उपायों की तुरंत ज़रूरत है।
भारत को न केवल सीमा पर बल्कि साइबर और फाइनेंशियल स्पेस में भी सतर्क रहना होगा।





