बीजिंग/नई दिल्ली: चीन ने भारत की मेजबानी में होने वाले आगामी BRICS शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के प्रयासों का समर्थन किया है, लेकिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। बीजिंग ने कहा है कि वह BRICS देशों के बीच सहयोग और संगठन की मजबूती के लिए भारत के प्रयासों का समर्थन करता है।
चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चीन भारत के साथ मिलकर BRICS के विकास और सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। हालांकि, जब शी जिनपिंग की संभावित यात्रा को लेकर सवाल पूछा गया तो चीन ने कोई निश्चित जानकारी साझा नहीं की।
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी चल रही है। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकासशील देशों की भूमिका, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
चीन और भारत के बीच हाल के वर्षों में सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव के बावजूद दोनों देश BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शी जिनपिंग की मौजूदगी सम्मेलन के राजनीतिक महत्व को बढ़ा सकती है, लेकिन उनकी भागीदारी पर अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है।
BRICS समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा हाल के वर्षों में कई नए सदस्य भी शामिल हुए हैं। संगठन को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के प्रमुख मंच के रूप में देखा जाता है, जहां वैश्विक शासन व्यवस्था और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, भारत और चीन के अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, सहयोग और मतभेदों को बेहतर तरीके से संभालने को लेकर बातचीत भी जारी है। ऐसे में BRICS सम्मेलन दोनों देशों के रिश्तों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।





