Tuesday, March 3, 2026

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BLOs पर बढ़ते दबाव पर विवाद, निर्वाचन आयोग ने दी सफाई

नई दिल्ली / कोलकाता / तिरुवनंतपुरम। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के दौरान देश के कई राज्यों में बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLOs) पर कार्यभार और दबाव बढ़ने की शिकायतों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। केरल, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में BLOs ने कथित रूप से अत्यधिक काम, रात-रात भर फोन कॉल, अवास्तविक लक्ष्यों और प्रशासनिक दबाव का आरोप लगाया है। कई स्थानों पर BLOs ने प्रदर्शन भी किए।

केरल के कन्नूर जिले में BLO अनीश जॉर्ज की आत्महत्या की दुखद घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। परिवार का आरोप है कि जॉर्ज लगातार काम के दबाव में थे और रात भर फॉर्म भरने में लगे रहते थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अन्य राज्यों में भी BLOs की असामयिक मृत्यु और स्वास्थ्य समस्याएँ सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल में आयोग ने 1,000 से अधिक BLOs को “कारण बताओ” नोटिस जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि BLOs को “मानवीय सीमाओं से परे” काम करवाया जा रहा है और मानसिक दवाब बढ़ रहा है। कई राजनीतिक दलों ने भी आयोग पर राजनीतिक दखल के आरोप लगाए हैं।

विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि BLOs की सुरक्षा और हित सर्वोपरि हैं। केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रथन यू. केलकर ने चेतावनी दी है कि BLOs को धमकाने या उनके काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने यह भी कहा कि BLOs को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, BLOs की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो यह विवाद लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता और आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

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