नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल एआई समिट 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोजगार को लेकर दुनिया भर में चल रही बहस पर विराम लगाने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को एक सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि एआई के आने से नौकरियों के खत्म होने का डर पालने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक हमेशा इंसानी क्षमताओं को विस्तार देती है, उसे प्रतिस्थापित नहीं करती। पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे एआई युग की चुनौतियों से घबराने के बजाय अपनी ‘स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग’ (कौशल विकास) पर ध्यान केंद्रित करें ताकि वे भविष्य की अर्थव्यवस्था के नेतृत्वकर्ता बन सकें।
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु: बदलाव को गले लगाएं
शिखर सम्मेलन में मौजूद दुनिया भर के टेक लीडर्स और हजारों युवाओं के बीच प्रधानमंत्री ने अपने विजन को साझा किया:
- डर नहीं, अवसर का समय: पीएम ने कहा कि हर औद्योगिक क्रांति के समय नौकरियों के जाने का डर सताया था, लेकिन हर बार तकनीक ने नए और पहले से बेहतर रोजगार पैदा किए। एआई भी इसी तरह के अनगिनत नए रास्ते खोलेगा।
- निरंतर सीखने की प्रवृत्ति: उन्होंने कहा कि एआई युग में डिग्री से ज्यादा ‘लर्निंग एटीट्यूड’ मायने रखेगा। जो युवा समय के साथ खुद को अपडेट करेंगे, उनके लिए पूरी दुनिया एक बाजार होगी।
- मानवीय संवेदना और एआई: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि एआई के पास जानकारी हो सकती है, लेकिन विवेक, संवेदना और रचनात्मकता केवल इंसानों के पास है। इन मानवीय गुणों को एआई के साथ जोड़कर ही श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
स्किलिंग पर जोर: ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नया मंत्र
प्रधानमंत्री ने सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि एआई युग के लिए भारत कैसे तैयार हो रहा है:
- एआई शिक्षा का विस्तार: स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में एआई को एक अनिवार्य कौशल के रूप में शामिल करने पर काम चल रहा है।
- डिजिटल इंडिया 2.0: सरकार दूरदराज के इलाकों में भी एआई लैब और रिसर्च सेंटर स्थापित कर रही है ताकि गांव का युवा भी इस तकनीक से अछूता न रहे।
- युवाओं को प्रोत्साहन: सरकार एआई क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप्स को विशेष पैकेज और मेंटरशिप प्रदान कर रही है, जिससे युवा केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले (Job Givers) बनें।
वैश्विक पटल पर भारत की भूमिका
पीएम मोदी ने इस दौरान भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक समाधान प्रदाता (Solution Provider) के रूप में पेश किया:
- एआई फॉर ऑल: प्रधानमंत्री ने अपना मंत्र दोहराते हुए कहा कि भारत का एआई मॉडल समावेशी है, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलता है।
- नैतिक एआई (Ethical AI): उन्होंने दुनिया से एआई के नैतिक और सुरक्षित उपयोग के लिए एक वैश्विक रूपरेखा (Global Framework) बनाने का भी आह्वान किया, जिसमें भारत अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है।





