वाशिंगटन। अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया दांडिया ने शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) का चुनाव जीत लिया है। इस जीत के साथ वह अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली भारतीय मूल की नई महिला प्रतिनिधि बन गई हैं।
पिया दांडिया ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और मरीन कॉर्प्स के पूर्व सैनिक केसी असकर को हराया। चुनाव परिणामों के अनुसार, पिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 49.1 प्रतिशत मत हासिल हुए। उनकी जीत की पुष्टि एसोसिएटेड प्रेस ने भी की है।
भारतीय प्रवासी परिवार में हुआ जन्म
39 वर्षीय पिया दांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। वह शिक्षिका और न्यूयॉर्क के हार्लेम में हाईस्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं।
महज 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए एक हाईस्कूल की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में स्कूल के सभी विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिला मिला। इनमें 86 प्रतिशत छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से थे।
शिक्षा और रोजगार रहे चुनावी मुद्दे
अपने चुनाव प्रचार के दौरान पिया ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, महंगाई से राहत दिलाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने तकनीक और नीतिगत सुधारों के जरिए आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की बात कही।
फ्लोरिडा का 22वां कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट इस चुनाव में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। नए परिसीमन के बाद इस सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया था। पिया की जीत से डेमोक्रेटिक पार्टी को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उनकी इस उपलब्धि से अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती भागीदारी को भी नई मजबूती मिली है।




