देहरादून। उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित मां कुंजापुरी मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मनोरंजन जगत तक पहुंच गया है। मंच पर गायक को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की नाराजगी और शराब के नशे में प्रस्तुति देने के आरोपों के बाद रैपर बादशाह, गायक मीका सिंह और कॉमेडियन कपिल शर्मा समेत कई कलाकार उनके समर्थन में सामने आए हैं। कलाकारों ने सार्वजनिक मंच पर वरिष्ठ गायक के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए सम्मान और संवेदनशीलता बरतने की अपील की है।
मीका बोले- भाई पिछले दो साल से अस्वस्थ
दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर उनका बचाव किया। मीका ने कहा कि दलेर पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं और हाल ही में उनकी बड़ी सर्जरी हुई है। उन्होंने शराब पीने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके भाई शराब नहीं पीते। मीका ने लोगों से पूरी जानकारी के बिना किसी कलाकार के बारे में निष्कर्ष नहीं निकालने की अपील की।
कपिल शर्मा ने भी जताया समर्थन
कॉमेडियन कपिल शर्मा ने सोशल मीडिया पर दलेर मेहंदी के समर्थन में पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि गायक की हाल ही में गंभीर सर्जरी हुई है, जिसके बारे में बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है। कपिल ने लोगों से दूसरों की परिस्थितियों को समझने और संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। उन्होंने दलेर मेहंदी के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
बादशाह ने कलाकार की गरिमा पर दिया जोर
रैपर बादशाह ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने वरिष्ठ कलाकारों के योगदान और उनकी गरिमा का सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया। गायक शान, हर्षदीप कौर और अन्य कलाकारों ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद रविवार रात नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ। दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के बीच मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उनके प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। मंत्री ने आरोप लगाया कि गायक ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे और नशे में थे। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
हालांकि, दलेर मेहंदी के नशे में होने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों के सम्मान, आयोजकों की जिम्मेदारी और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को समझने की जरूरत पर बहस छेड़ दी है।





