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मंगल ग्रह के चंद्रमा फोबोस से मिट्टी के नमूने लाएगा जापान, JAXA का ऐतिहासिक MMX मिशन आज होगा लॉन्च

टोक्यो। जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA मंगल ग्रह के रहस्यमय चंद्रमा फोबोस से मिट्टी के नमूने धरती पर लाने के लिए ऐतिहासिक मिशन शुरू करने जा रही है। मार्टियन मून्स एक्सप्लोरेशन (MMX) नामक इस मिशन का लक्ष्य फोबोस की सतह से नमूने एकत्र करना और उन्हें वर्ष 2031 तक पृथ्वी पर वापस लाना है। इसे मंगल के चंद्रमाओं की उत्पत्ति और सौरमंडल के विकास से जुड़े रहस्यों को समझने की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 

20 अक्टूबर को लॉन्च होगा अंतरिक्ष यान

JAXA के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, MMX मिशन को जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से H3 रॉकेट के जरिए 20 अक्टूबर 2026 को सुबह 4:41 बजे जापानी समय पर लॉन्च करने की योजना है। भारतीय समय के अनुसार यह समय 19 अक्टूबर की रात 1:11 बजे होगा।

अंतरिक्ष यान के अगस्त 2027 में मंगल के क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद यह फोबोस की कक्षा के आसपास रहकर उसकी सतह, संरचना और रासायनिक तत्वों का अध्ययन करेगा। 

फोबोस से कम से कम 10 ग्राम नमूना जुटाने का लक्ष्य

इस मिशन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फोबोस की सतह से कम से कम 10 ग्राम मिट्टी और अन्य पदार्थों के नमूने एकत्र करना है। वैज्ञानिकों की योजना सतह के अलग-अलग स्थानों से नमूने लेने की है, ताकि चंद्रमा की संरचना को बेहतर तरीके से समझा जा सके।

इस अभियान में फ्रांस और जर्मनी के सहयोग से विकसित इडेफिक्स (Idefix) नामक रोवर भी शामिल होगा। यह फोबोस की सतह का अध्ययन करेगा और मुख्य अंतरिक्ष यान को नमूने एकत्र करने के लिए उपयुक्त स्थान चुनने में मदद करेगा। 

मंगल के चंद्रमाओं की उत्पत्ति का खुलेगा रहस्य?

मंगल के दो चंद्रमा हैं—फोबोस और डीमोस। वैज्ञानिक अभी तक निश्चित रूप से नहीं जान पाए हैं कि इनका निर्माण कैसे हुआ। एक संभावना है कि ये क्षुद्रग्रह हैं, जिन्हें मंगल के गुरुत्वाकर्षण ने अपनी कक्षा में खींच लिया। दूसरी संभावना यह है कि मंगल से किसी विशाल खगोलीय टक्कर के बाद निकले मलबे से इनका निर्माण हुआ।

फोबोस से मिले नमूनों का पृथ्वी की आधुनिक प्रयोगशालाओं में विश्लेषण करके वैज्ञानिक इन संभावनाओं की जांच कर सकेंगे। इससे मंगल के इतिहास और सौरमंडल के विकास को समझने में भी मदद मिल सकती है। 

2031 में पृथ्वी पर लौटेंगे नमूने

योजना के अनुसार, नमूनों को एक विशेष कैप्सूल में सुरक्षित रखकर पृथ्वी पर लाया जाएगा। इसके वर्ष 2031 में ऑस्ट्रेलिया में उतरने की संभावना है। इस मिशन में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ESA समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।

MMX मिशन की सफलता भविष्य में मंगल ग्रह से सीधे नमूने लाने और मानव अभियानों की तैयारी के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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