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महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सरकार की बड़ी तैयारी, संसद का विशेष सत्र बुलाने की संभावना

नई दिल्ली। केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को पारित कराने के लिए अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को इस बार लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाने का भरोसा है। इसके लिए सत्तारूढ़ भाजपा अन्य राजनीतिक दलों के संपर्क में है। हालांकि, विशेष सत्र की तारीखों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

अप्रैल में नहीं मिल सका था जरूरी बहुमत

इससे पहले 17 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक बहुमत नहीं मिल पाया था। इसके चलते परिसीमन सहित इससे जुड़े अन्य विधेयकों पर भी आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब सरकार नए सिरे से इन विधेयकों को संसद में लाने की तैयारी कर रही है।

सरकार कैसे जुटाएगी 360 सांसदों का समर्थन?

संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी है। लोकसभा में वर्तमान सदस्य संख्या 540 होने के कारण सभी सदस्यों के मतदान की स्थिति में कम से कम 360 वोटों की आवश्यकता होगी।

सूत्रों के अनुसार, सरकार डीएमके और अन्य छोटे राजनीतिक दलों से समर्थन जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के सत्ता पक्ष में आने से भी राजनीतिक समीकरण बदले हैं। इसके अलावा शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के आठ सांसदों का समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव

रिपोर्टों के मुताबिक, लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की गारंटी को विधेयक में शामिल करने की संभावना है। एनसीपी नेता सुप्रिया सुले पहले संकेत दे चुकी हैं कि ऐसी गारंटी मिलने पर उनकी पार्टी बातचीत के लिए तैयार हो सकती है।

हालांकि, परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के कई राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण होने से कुछ राज्यों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है।

अक्टूबर के आखिर में हो सकता है विशेष सत्र

संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हुआ था, लेकिन उसका औपचारिक सत्रावसान नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार कम समय के नोटिस पर संसद की बैठक बुला सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, 26 और 27 अक्टूबर को प्रस्तावित ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक को ध्यान में रखते हुए विशेष सत्र की तारीख तय की जा सकती है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता विधेयकों को पारित कराने के लिए पर्याप्त समर्थन सुनिश्चित करना है।

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