वाशिंगटन। अमेरिका में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच एक संघीय अदालत ने CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में प्रवेश की अनुमति जारी रखने का आदेश दिया है। अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसके तहत इन मीडिया संस्थानों के पत्रकारों की प्रेस मान्यता रद्द की गई थी।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश टिमोथी केली ने 13 अक्टूबर को प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी करते हुए कहा कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक पत्रकारों की व्हाइट हाउस तक पहुंच बनी रहनी चाहिए। अदालत का यह आदेश मामले में अंतिम फैसला आने या अपीलीय अदालत के हस्तक्षेप तक प्रभावी रहेगा।
CNN, MS NOW और Politico ने ट्रंप प्रशासन के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। मीडिया संस्थानों का आरोप है कि राष्ट्रपति की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के कारण उनके पत्रकारों को निशाना बनाया गया और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
न्यायाधीश केली ने अपने आदेश में कहा कि पत्रकारों की प्रेस मान्यता रद्द करने का फैसला प्रथम संशोधन के तहत मिलने वाली प्रेस की स्वतंत्रता और पांचवें संशोधन के तहत मिलने वाली उचित कानूनी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन करता हुआ प्रतीत होता है।
ट्रंप प्रशासन ने पत्रकारों की पहुंच सीमित करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और रिपोर्टिंग के मानकों से जुड़े तर्क दिए थे। हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर इस प्रतिबंध को उचित ठहराने के पर्याप्त प्रमाण नजर नहीं आते।
व्हाइट हाउस ने फैसले पर जताई असहमति
अदालत के आदेश से तीनों मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश जारी रखने का अधिकार मिला है। हालांकि, इस फैसले का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें हर स्थान या राष्ट्रपति के साथ होने वाली प्रत्येक यात्रा में स्वतः प्रवेश मिलेगा।
मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। अदालत का अंतिम फैसला अमेरिकी प्रशासन की मीडिया नीति और प्रेस की स्वतंत्रता के बीच अधिकारों की सीमा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।





