नई दिल्ली। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवालों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने कांग्रेस नेता पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का जवाब
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय विपक्ष को तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने से पहले संबंधित तथ्यों को समझना जरूरी है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में बदलावों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की है।
वहीं, भाजपा का रुख है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना चुनाव प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है। पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच टकराव ऐसे समय में बढ़ा है, जब चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकार राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। भाजपा ने राहुल गांधी से अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करने की मांग की है, जबकि कांग्रेस चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को घेर रही है।





