हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। आर्यन पिछले 16 वर्षों में कॉलेज के पांचवें निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष बने हैं। चुनाव के दौरान उनके पिता कृष्ण चंद्र बेलवाल ने पर्दे के पीछे रहकर चुनाव प्रबंधन और रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आर्यन बेलवाल पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे थे। अध्यक्ष पद का टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। इसके बाद उनके समर्थन में संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने भी पद छोड़कर उनके चुनाव अभियान में साथ दिया।
पिता ने संभाली चुनावी रणनीति
आर्यन के पिता कृष्ण चंद्र बेलवाल को संगठनात्मक कार्यों का पुराना अनुभव है। वह वर्ष 1990 से 1994 तक हल्द्वानी में ABVP के नगर अध्यक्ष रहे। इसके अलावा उन्होंने RSS में भी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने बेटे को लगातार मार्गदर्शन दिया और प्रचार तथा चुनाव प्रबंधन की रणनीति तैयार करने में सहयोग किया।
आर्यन का परिवार कई वर्षों से सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहा है। उनके दादा हरीश चंद्र बेलवाल भी RSS से जुड़े रहे हैं और 2004 से 2014 तक नैनीताल जिले में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रहे। उनके परदादा पंडित देवी दत्त बेलवाल ने हल्द्वानी में दो संस्कृत महाविद्यालयों के निर्माण में योगदान दिया था।
जीत के लिए नंगे पैर रहने का संकल्प
निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद आर्यन ने चुनाव जीतने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प लिया था। मतदान के दिन भी वह कॉलेज परिसर में नंगे पैर नजर आए। चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने अपनी जीत का श्रेय अपने परिवार और समर्थकों को दिया।
चुनाव परिणाम के अनुसार आर्यन बेलवाल को 1,723 वोट, NSUI के मेहुल शाह को 1,257 वोट और ABVP के धीरज बिष्ट को 988 वोट मिले। आर्यन ने मेहुल शाह को 466 मतों से हराया।





