नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और अन्य विदेशी ताकतों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दूर रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि विदेशी सेनाओं को जल्द ही अरब सागर से भी बाहर होना पड़ेगा। खामेनेई का यह संदेश ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया।
खामेनेई ने दावा किया कि ईरानी बलों ने देश के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र से विरोधी ताकतों को पीछे धकेल दिया है और अब वे अरब सागर में भी अपनी मौजूदगी बनाए नहीं रख पाएंगी। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात ईरानी बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ईरान अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए तैयार है।
अमेरिकी पनडुब्बी ड्रोन पकड़ने का दावा
तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने लगातार दूसरे दिन अमेरिकी पनडुब्बी ड्रोन पकड़े जाने का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले रेमस 600 और बाद में एमके 18 मोड 2 किंगफिश ड्रोन को कब्जे में लिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बातचीत के प्रयास भी जारी हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है। कतर के अधिकारी न्यूयॉर्क में दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बातचीत में शामिल होने की बात सामने आई है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के बदले कई शर्तें रखी हैं। इनमें अपने बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, तेल बिक्री पर प्रतिबंध हटाना और विदेशों में जमा ईरानी धन को जारी करना शामिल है। तेहरान ने इन शर्तों के पूरा होने पर सात दिनों के भीतर होर्मुज खोलने की बात कही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव और यहां से गुजरने वाले जहाजों को लेकर स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।





