तालिन। यूक्रेन के लिए गोला-बारूद खरीद से जुड़े करीब 70 मिलियन यूरो (लगभग 769 करोड़ रुपये) के विवाद के बीच एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में सामने आई कमियों की राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला किया। पेवकुर वर्ष 2022 से रक्षा मंत्री के पद पर थे।
विवाद वर्ष 2024 में हुए एक हथियार खरीद समझौते से जुड़ा है। एस्टोनिया के रक्षा निवेश केंद्र ने यूक्रेन के लिए तोप के गोले खरीदने के लिए एक कंपनी के साथ समझौते किए थे। इसके लिए यूरोपीय संघ के European Peace Facility से मिली राशि का इस्तेमाल किया गया और करीब 70 मिलियन यूरो का अग्रिम भुगतान किया गया।
कंपनी के पास नहीं था पूर्व अनुभव
मामले में जिस कंपनी से सौदा किया गया, वह पहले तोप के गोले बनाने या बेचने के लिए जानी नहीं जाती थी। सौदे के बाद गोला-बारूद की आपूर्ति में लगातार देरी हुई। बाद में 2025 में जब कुछ सामग्री पहुंची तो उसकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे। एस्टोनिया ने अब भुगतान की गई राशि वापस हासिल करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की है।
कंपनी ने हालांकि एस्टोनिया के आरोपों पर आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि उसने करीब 59 मिलियन यूरो मूल्य की सामग्री की आपूर्ति की थी और गुणवत्ता संबंधी आरोप सही नहीं हैं। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता तक पहुंच गया है।
ऑडिट रिपोर्ट के बाद बढ़ा दबाव
एस्टोनिया के राष्ट्रीय लेखा परीक्षक कार्यालय की रिपोर्ट में रक्षा क्षेत्र में धन के इस्तेमाल और सैन्य संपत्तियों के लेखांकन को लेकर कमियों पर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट के बाद विपक्षी नेताओं ने रक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर दी।
पेवकुर ने कहा कि रक्षा मंत्री व्यक्तिगत रूप से हर खरीद समझौते की बातचीत नहीं करता, लेकिन पूरे रक्षा क्षेत्र की राजनीतिक जिम्मेदारी मंत्री की होती है। इसी जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री क्रिस्टेन मिखाल ने पहले कहा था कि उन्हें पेवकुर की व्यक्तिगत गलती नहीं दिखती, लेकिन राजनीतिक जिम्मेदारी अलग विषय है। एस्टोनिया अब इस विवादित सौदे की जांच और धन की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।





