Top 5 This Week

Related Posts

पश्चिम बंगाल में भी लागू हुआ ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आइडी’, छात्रों को मिलेगा 12 अंकों का APAAR ID

कोलकाता, 3 सितंबर। केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आइडी’ पहल के तहत पश्चिम बंगाल में भी छात्रों के लिए APAAR ID बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक डिजिटल पहचान से जोड़ना और उन्हें एक ही स्थान पर सुरक्षित रखना है।

APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) के तहत प्रत्येक छात्र को एक विशिष्ट 12 अंकों की स्थायी पहचान संख्या दी जाती है। इसके माध्यम से छात्र की मार्कशीट, प्रमाणपत्र, डिग्री, डिप्लोमा, शैक्षणिक क्रेडिट और अन्य उपलब्धियों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जा सकता है। यह रिकॉर्ड विद्यार्थी के पूरे शैक्षणिक सफर में उसके साथ जुड़ा रहेगा।

APAAR ID को DigiLocker और Academic Bank of Credits (ABC) से जोड़ा जाता है। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग संस्थानों में दाखिले, संस्थान बदलने या आगे की पढ़ाई के दौरान अपने शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत करने में सुविधा होगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से प्रमाणपत्र खोने या खराब होने की स्थिति में भी उन्हें ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि APAAR व्यवस्था से शैक्षणिक रिकॉर्ड में दोहराव और गलतियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बीच क्रेडिट ट्रांसफर की प्रक्रिया भी आसान होगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षा व्यवस्था को अधिक डिजिटल और लचीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नाबालिग छात्रों के लिए APAAR ID बनाने से पहले अभिभावक की सहमति आवश्यक होती है। छात्र का नाम और अन्य विवरण संबंधित शैक्षणिक रिकॉर्ड से सत्यापित किए जाते हैं। ID बनने के बाद इसे DigiLocker में डिजिटल रूप से उपलब्ध कराया जाता है।

इस व्यवस्था के विस्तार से पश्चिम बंगाल के छात्रों को भी देशभर में एक समान डिजिटल शैक्षणिक पहचान का लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

Popular Articles