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नेपाल में बाढ़ से 788 मौतें, 2500 से अधिक लापता; DNA पहचान में मदद के लिए पहुंची भारतीय फोरेंसिक टीम

नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर तक आपदा में 788 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता हैं। बड़ी संख्या में शवों की पहचान नहीं हो पाने के कारण भारत ने पीड़ितों की पहचान में मदद के लिए 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम नेपाल भेजी है।भारतीय फोरेंसिक विशेषज्ञों ने रविवार को काठमांडू में काम शुरू किया। टीम नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के फोरेंसिक विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर DNA नमूनों का विश्लेषण करेगी। इसका उद्देश्य बाढ़ में मारे गए और अज्ञात शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने में सहायता करना है।

नेपाल में बड़ी संख्या में शव बाढ़ के पानी और मलबे में बहकर दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचे हैं। कई शवों की स्थिति खराब होने के कारण उनकी पहचान मुश्किल हो रही है। अधिकारियों के अनुसार पहचान प्रक्रिया पूरी होने तक अज्ञात शवों को देशभर के 21 अस्पतालों में रखा गया है।

भारत की विशेष टनल रेस्क्यू टीम भी नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र की क्षतिग्रस्त जलविद्युत परियोजनाओं में अभियान चला रही है। खराब मौसम के बीच टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के पास एक ढांचे में पहुंची और एक व्यक्ति का शव बाहर निकाला। खोज अभियान अभी जारी है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, रविवार को चीन की ओर से 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच गए, जबकि चीन में करीब 500 अन्य भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। इससे पहले भारत ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की जानकारी दी थी।

नेपाल में करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। जमीनी बलों ने हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि हेलीकॉप्टरों के जरिये भी बड़े पैमाने पर लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकाला जा रहा है। जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे लोगों की तलाश और शवों की पहचान का काम चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जारी है।

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