Top 5 This Week

Related Posts

पीएम मोदी का चार दिवसीय मध्य एशिया दौरा शुरू, उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान में व्यापार और सुरक्षा पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से चार दिवसीय उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान दौरे पर रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाले इस दौरे का उद्देश्य मध्य एशिया के साथ भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है। यात्रा के दौरान पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और इसके बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

उज्बेकिस्तान में व्यापार और रक्षा पर बातचीत

पीएम मोदी 29 और 30 अगस्त को ताशकंद में रहेंगे। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ बातचीत में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और शिक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देश महत्वपूर्ण खनिज, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, तकनीक और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाशेंगे।

प्रधानमंत्री ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा भी करेंगे। इसके अलावा वह स्थानीय विद्वानों और भारतविदों से मुलाकात करेंगे। यह कार्यक्रम भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित करेगा।

SCO में आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर

उज्बेकिस्तान के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त को बिश्केक पहुंचेंगे, जहां वह SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत SCO मंच पर आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी सहयोग और शांतिपूर्ण एवं स्थिर क्षेत्र की आवश्यकता पर अपना पक्ष रखेगा।

SCO शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी सदस्य देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।

यह दौरा भारत की ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय संपर्क के क्षेत्र में भारत की भागीदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Popular Articles