नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के बाद विवाद बढ़ गया है। हालांकि, रेवंत रेड्डी ऐसे पहले मुख्यमंत्री नहीं हैं, जिनकी विदेश यात्रा को केंद्र से मंजूरी नहीं मिली। इससे पहले भी कई मुख्यमंत्रियों के आधिकारिक विदेशी दौरों के लिए राजनीतिक मंजूरी रोकी जा चुकी है।
रेवंत रेड्डी ब्रिटेन और अमेरिका की 10 दिवसीय यात्रा पर जाने वाले थे। केंद्र ने उनके ब्रिटेन दौरे को मंजूरी दी, लेकिन अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित अमेरिकी दौरे का कार्यक्रम और उद्देश्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद मुख्यमंत्री को अमेरिका का दौरा रद्द कर ब्रिटेन से ही भारत लौटना पड़ा।
पहले भी कई सीएम को झटका
विदेश मंत्रालय की राजनीतिक मंजूरी से जुड़े ऐसे मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राओं को भी अलग-अलग मौकों पर केंद्र से अनुमति नहीं मिली थी। ऐसे मामलों में केंद्र की ओर से यात्रा के उद्देश्य, कार्यक्रम और आधिकारिक प्रोटोकॉल को आधार बनाया जाता रहा है।
राजनीतिक विवाद भी तेज
रेवंत रेड्डी की यात्रा को मंजूरी नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे अनुचित बताते हुए केंद्र पर राजनीतिक आधार पर चयनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसे राजनीतिक मामला मानने से इनकार करते हुए कहा कि विदेश यात्राओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया और मंजूरी के नियमों का पालन जरूरी है।
इस बीच, रेवंत रेड्डी की अमेरिकी यात्रा रद्द होने से तेलंगाना सरकार के प्रस्तावित निवेश और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी बैठकों पर भी असर पड़ा है। हालांकि, राज्य सरकार ने अमेरिका दौरे के लिए तय समझौतों और साझेदारियों पर आगे काम जारी रखने की बात कही है।





