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इजरायल चुनाव से पहले गाजा में हालात जस के तस, कुश्नर की वार्ता के बाद 17 की मौत

तेल अवीव। गाजा में युद्धविराम की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत जेरेड कुश्नर की इजरायल और हमास के नेताओं के साथ बातचीत के बावजूद जमीनी हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। कुश्नर की वार्ता के कुछ ही दिनों बाद गाजा में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 17 फलस्तीनियों की मौत हो गई।

कुश्नर ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ गाजा में युद्ध समाप्त करने और अमेरिकी शांति योजना को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी। इससे पहले उन्होंने मिस्र में हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या से भी मुलाकात की। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।

अमेरिकी प्रस्ताव में हमास के चरणबद्ध निरस्त्रीकरण के बदले इजरायली सेना की गाजा से क्रमिक वापसी और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। इजरायल का कहना है कि हमास के पूरी तरह हथियार डालने से पहले वह अपनी सेना नहीं हटाएगा। वहीं, हमास की मांग है कि इजरायल पहले हमले रोके और गाजा से अपनी सेना वापस बुलाए। यही मतभेद वार्ता में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं।

कुश्नर और नेतन्याहू की बैठक को रचनात्मक बताया गया, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्षों के बीच निरस्त्रीकरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए दो कार्यसमूह बनाने पर सहमति बनी है। इसके बावजूद गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई ने शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस बीच, इजरायल में आगामी चुनावों को देखते हुए नेतन्याहू पर घरेलू राजनीतिक दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में गाजा नीति को लेकर उनके सामने सुरक्षा, गठबंधन राजनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। फिलहाल कुश्नर की कोशिशों के बावजूद युद्धविराम और स्थायी समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति होती नहीं दिख रही है।

 

 

 

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