नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की राजनीतिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री तैयार करने वाली टीम का पुनर्गठन किया है। नई 20 सदस्यीय टीम में विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, स्कूली शिक्षकों और NCERT के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें कम से कम चार सदस्यों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध बताए गए हैं।
नई टीम का नेतृत्व अकादमिक और राजनीतिक विश्लेषक संदीप शास्त्री करेंगे। NCERT के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों में भारतीय सांस्कृतिक जड़ों, भारतीय ज्ञान परंपरा और समावेशिता को स्थान देने पर जोर रहेगा। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप पाठ्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से संशोधित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
नवंबर तक तैयार होगी 11वीं की किताब
पुनर्गठित टीम को कक्षा 11वीं की राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक नवंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके बाद कक्षा 12वीं की किताब पर काम किया जाएगा, जिसे अगले वर्ष जुलाई तक तैयार किए जाने की योजना है।
नई टीम में शामिल कुछ सदस्यों की पृष्ठभूमि को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम चार सदस्य RSS से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) या भाजपा से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे हैं। इनमें शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे का नाम भी शामिल है।
NCERT ने अपनी वेबसाइट पर कक्षा 11वीं और 12वीं की राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के लिए Textbook Development Team (TDT) के पुनर्गठन की जानकारी भी जारी की है।
पाठ्यपुस्तकों में होने वाले बदलावों को लेकर आगे अकादमिक और राजनीतिक स्तर पर बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, नई किताबों की वास्तविक सामग्री सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संशोधन का पाठ्यक्रम और राजनीतिक विज्ञान की विषयवस्तु पर क्या प्रभाव पड़ेगा।





