नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के सोशल मीडिया प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए उन्हें डिजिटल प्लेटफार्म पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की सलाह दी है। सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर लोगों से संवाद को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के सोशल मीडिया प्रदर्शन का आकलन कर उन्हें फीडबैक दिया। इसमें सोशल मीडिया पर उनकी पहुंच, पोस्ट की प्रभावशीलता और जनता के साथ संवाद जैसे पहलुओं को देखा गया। सरकार का जोर अब केवल मंत्रालयों के कामकाज तक सीमित रहने के बजाय डिजिटल माध्यमों के जरिए योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाने पर है।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को सोशल मीडिया पर नियमित और प्रभावी तरीके से सक्रिय रहने का संदेश दिया। उनसे कहा गया कि सरकार के फैसलों और विकास कार्यों की जानकारी सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाई जाए। साथ ही जनता की प्रतिक्रियाओं को समझकर उनसे संवाद कायम किया जाए।
सोशल मीडिया मौजूदा दौर में राजनीतिक और सरकारी संचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में केंद्र सरकार अपने डिजिटल आउटरीच को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। मंत्रियों की व्यक्तिगत सोशल मीडिया मौजूदगी को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मंत्रियों के सोशल मीडिया अकाउंट और उनकी गतिविधियों का आकलन कर यह देखा गया कि कौन से मंत्री डिजिटल प्लेटफार्म पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और किसे अपनी पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए फीडबैक को मंत्रियों के लिए डिजिटल संचार रणनीति को बेहतर बनाने का संकेत माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया को सिर्फ प्रचार का माध्यम बनाने के बजाय जनता तक नीतियों और योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा लोगों की प्रतिक्रिया हासिल करने के प्रभावी मंच के रूप में इस्तेमाल करना है।





