नई दिल्ली। युवाओं और खासकर Gen Z से सीधे संवाद बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की तैयारी की है। इसके तहत ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। कार्यक्रम के तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री किसी विश्वविद्यालय का दौरा कर छात्रों से सीधे संवाद करेगा, उनकी समस्याएं सुनेगा और देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनके विचार जानेगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस पहल पर 19 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं से सीधा संपर्क स्थापित करना और उन्हें केंद्र की युवा एवं छात्र कल्याण योजनाओं की जानकारी देना है।
कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्री निर्धारित विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास समेत युवाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही सरकार की उन योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिनका लाभ छात्रों और युवाओं को मिल सकता है।
समन्वय की जिम्मेदारी दो मंत्रियों को
रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को इस कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालयों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। देश में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं, जिनमें 57 केंद्रीय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं।
सरकार की यह पहल ऐसे समय सामने आई है, जब शिक्षा और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों के बीच असंतोष और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। खासकर NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। ऐसे में ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ को युवाओं के साथ संवाद मजबूत करने की सरकार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में भी युवाओं से जुड़ी कई पहलों का उल्लेख किया था। इनमें मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, एआई स्किलिंग कार्यक्रम, खेल प्रतिभा खोज और सिविल डिफेंस के विस्तार जैसी योजनाएं शामिल हैं। सरकार ने युवाओं के लिए मैन्युफैक्चरिंग, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर भी जोर दिया है।





