वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर हाल में सामने आई एक घटना ने दुनिया का ध्यान खींचा है। ईरान से संभावित खतरे के बीच ट्रंप को तुर्किये से ब्रिटेन ले जाने के लिए एयरपोर्ट के एक केटरिंग वाहन का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को विमान से उतारकर केटरिंग वाहन के जरिए एक सैन्य विमान तक पहुंचाया गया, ताकि उनकी वास्तविक आवाजाही को गुप्त रखा जा सके।
ट्रंप की सुरक्षा के लिए ऐसा असामान्य कदम पहली बार नहीं उठाया गया है। राष्ट्रपति रहते हुए अलग-अलग मौकों पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। इनमें से पांच प्रमुख घटनाएं चर्चा में रही हैं।
1. केटरिंग वाहन में गुप्त सफर
हालिया मामले में ट्रंप को तुर्किये के एयरपोर्ट पर सार्वजनिक रूप से एक विमान में सवार होते दिखाया गया। इसके बाद उन्हें केटरिंग वाहन के जरिए दूसरे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया। बताया गया कि यह कदम ईरान से जुड़े गंभीर सुरक्षा खतरे के कारण उठाया गया।
2. व्हाइट हाउस का भूमिगत बंकर
मई 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद वॉशिंगटन में विरोध प्रदर्शन के दौरान सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप को व्हाइट हाउस के सुरक्षित भूमिगत बंकर में पहुंचाया था। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी सुरक्षा अवरोधों के करीब पहुंच गए थे और कुछ जगहों पर हिंसा भी हुई थी।
3. व्हाइट हाउस का सुरक्षित हिस्सा
खतरे की स्थिति में राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस के ऐसे सुरक्षित हिस्सों में रखा जाता है, जहां बाहरी हमले का जोखिम कम हो। 2020 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था को इसी तरह मजबूत किया गया था।
4. विशेष सुरक्षा वाहन
ट्रंप की आवाजाही के दौरान बख्तरबंद वाहनों का इस्तेमाल भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा रहा है। गोल्फ खेलने जैसे अपेक्षाकृत निजी कार्यक्रमों में भी उनके साथ विशेष रूप से सुरक्षित वाहन देखे गए हैं।
5. एयर फोर्स वन भी बना चलता-फिरता सुरक्षित ठिकाना
अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान एयर फोर्स वन अत्याधुनिक संचार और सुरक्षा प्रणालियों से लैस है। गंभीर संकट की स्थिति में यह विमान राष्ट्रपति के लिए सुरक्षित कमांड सेंटर की भूमिका निभा सकता है।
इन घटनाओं से साफ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में सामान्य प्रोटोकॉल के अलावा जरूरत पड़ने पर बेहद असामान्य और गुप्त उपाय भी अपनाए जाते हैं। खासकर मौजूदा दौर में बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच ट्रंप की आवाजाही को लेकर गोपनीयता और सुरक्षा दोनों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।





