ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित स्वदेश वापसी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के एक सलाहकार ने कहा है कि यदि हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब हसीना ने भारत में रहते हुए दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई है।
हसीना ने हाल ही में नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अपने स्वदेश लौटने के इरादे का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि वह गिरफ्तारी, जेल या यहां तक कि मौत का सामना करने के लिए भी तैयार हैं। हसीना अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटने के पश्चात भारत चली गई थीं।
वर्तमान बांग्लादेश सरकार की ओर से सुरक्षा का आश्वासन ऐसे वक्त आया है, जब हसीना के खिलाफ गंभीर कानूनी मामले चल रहे हैं। उन्हें 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई से जुड़े मामले में अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। हसीना ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
हसीना की वापसी का मुद्दा भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों के लिहाज से भी अहम है। बांग्लादेश पहले ही भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है, जबकि नई दिल्ली इस अनुरोध की समीक्षा कर रही है।
इस बीच हसीना ने अपनी पार्टी अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग भी की है। बांग्लादेश में उनकी वापसी से राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका के बीच सरकार का सुरक्षा आश्वासन आने वाले दिनों में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





