Top 5 This Week

Related Posts

राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अमेरिका ने चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट पर लगाया प्रतिबंध, बढ़ा तकनीकी तनाव

वॉशिंगटन। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए चीन में निर्मित नए ह्यूमनॉइड रोबोट और रोबोटिक डॉग (क्वाड्रुपेड) के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह कदम दोनों देशों के बीच जारी तकनीकी प्रतिस्पर्धा और व्यापारिक तनाव के बीच उठाया गया है।

अमेरिकी संघीय संचार आयोग (FCC) के अनुसार, इंटरनेट से जुड़े उन्नत रोबोट संवेदनशील डेटा एकत्र कर सकते हैं और आपूर्ति श्रृंखला तथा साइबर सुरक्षा के लिए संभावित खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से विदेशी, विशेषकर चीनी निर्मित नए ह्यूमनॉइड रोबोटों को अमेरिकी बाजार में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, पहले से स्वीकृत और बाजार में उपलब्ध मॉडलों पर इस फैसले का तत्काल असर नहीं पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार में चीन की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। चीन की प्रमुख कंपनियां कम लागत पर बड़ी संख्या में रोबोट तैयार कर रही हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह प्रतिबंध घरेलू रोबोटिक्स उद्योग को बढ़ावा देने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

चीन ने अमेरिकी फैसले की आलोचना करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर तकनीकी प्रतिस्पर्धा को बाधित करने का प्रयास बताया है। चीनी पक्ष का कहना है कि इस तरह के प्रतिबंध वैश्विक तकनीकी सहयोग और नवाचार को प्रभावित करेंगे।

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका के इस कदम से दोनों देशों के बीच तकनीकी टकराव और तेज हो सकता है। आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई व्यापारिक और नियामकीय चुनौतियां सामने आने की संभावना है।

 

Popular Articles